- सफर सुगम होने के साथ-साथ छात्रों के लिए कम होगी कॉलेज की दूरी
हीरानगर। छन्न मोरियां से चजेरथा सड़क में बन रहे आखिरी पुल का काम अगस्त में खत्म होने के बाद इस सड़क पर सफर सुगम होने के साथ ही यहां यातायात बढ़ने से कई गांव की सूरत बदलेगी। 10 करोड़ की लागत से बनने वाले 9 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर तारकोल बिछाने का काम पूरा हो चुका है, लेकिन बीच में एक पुल का काम अभी जारी है।
इस कारण इस रूट पर चलने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मगर अगस्त से पहले इस पुल का काम खत्म होने के बाद इस पर वाहनों की आवाजाही पूर्ण रूप से शुरू हो जाएगी। इसके बाद यहां यातायात की सुविधा मिलने से स्थानीय लोगों को तो लाभ होगा, लेकिन सबसे अधिक लाभ कॉलेज के छात्रों को होगा। छन्न मोरियां या उसके आसपास के इलाकों के जो छात्र हीरानगर डिग्री कॉलेज में पढ़ते हैं, उन्हें हाईवे से होकर और दो से तीन वाहन बदलकर कॉलेज जाना पड़ता है। मगर इस सड़क पर यातायात शुरू होने से यह छात्र इसी रास्ते से सीधे कॉलेज पहुंच सकेंगे। इससे पांच किलोमीटर सफर काम होगा और किराये की भी बचत होगी। इसी तरह हीरानगर और उसके आसपास के गांवों के लोगों को भी छन्न खत्रियां, शेरपुर, छन्न मोरियां आदि इलाके में इस सड़क से आने जाने के लिए हाईवे से होकर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। लोगों के लिए सफर कम होने के साथ-साथ यह सफर सुरक्षित भी रहेगा।
कोट
सड़क का काम लगभग पूरा हो चुका है। तारकोल भी बिछाई जा चुकी है। इस सड़क पर एक पुल का निर्माण कार्य चल रहा है, जो अगस्त से पहले पूरा हो जाएगा। इसके बाद इस सड़क पर सफर करना सुगम हो जाएगा।
- चंगेज खान, एईई पीएमजीएसवाई