ढोलका इलाके से उड़ान भरकर मंझिरी पार्क में उतरे, फ्रांसीसी पर्यटकों को भा रहीं बनी की वादियां
कठुआ/बनी। आतंकवाद का दंश झेल रहे बनी में पर्यटकों ने अपनी गतिविधियों से नई जान फूंक दी है। फ्रांस से आए दो पर्यटकों, किटी और विलो, ने बनी की ऊंची पहाड़ियों से पहली बार पैराग्लाइडिंग करके साबित किया कि यह क्षेत्र इस रोमांचक खेल के लिए बेहतरीन संभावनाएं रखता है।
पर्यटकों ने दो दिन तक बनी में प्रवास कर यहां की प्राकृतिक खूबसूरती, बर्फ से ढकी चोटियों और ठंडे झरनों का आनंद लिया। उन्होंने बताया कि उन्हें यह स्थान किसी यूरोपीय पर्यटन स्थल से कम नहीं लगा। मंगलवार सुबह दोनों पर्यटकों ने बनी के ढोलका इलाके से पैराग्लाइडिंग करते हुए उड़ान भरी और कुछ देर बाद मंझिरी पार्क में सुरक्षित उतरे। उन्होंने इस अनुभव को बेहद रोमांचक और यादगार बताया।
किटी ने कहा, यहां की प्राकृतिक परिस्थितियां पैराग्लाइडिंग के लिए आदर्श हैं। अगर इस क्षेत्र को थोड़ा और विकसित किया जाए, तो यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एडवेंचर टूरिज्म का बड़ा केंद्र बन सकता है।
विलो ने बताया, पैराग्लाइडिंग का यह अनुभव बिल्कुल अलग था। उड़ान भरते समय कुछ चुनौतियां आईं, यहां तक कि एक बार तो मैं जमीन से टकरा गया, लेकिन फिर भी यह मेरे जीवन का सबसे यादगार पल रहा।
फ्रांसीसी पर्यटकों की मौजूदगी से बनी के स्थानीय लोगों में भी उत्साह है। लोगों ने बताया कि यह क्षेत्र पहले से ही अपने शांत वातावरण और हरियाली के लिए जाना जाता है, लेकिन अब यह एडवेंचर टूरिज्म के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन इस दिशा में तेजी से कदम उठाएगा।
इसी साल हुआ था पहला विंटर फेस्टिवल
बनी के सरथल में इसी साल जनवरी में पहले विंटर फेस्टिवल का आयोजन हुआ था। इलाके में बढ़ रही पर्यटन गतिविधियों से स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। बनी-भद्रवाह सड़क मार्ग खुलने के बाद पर्यटकों की संख्या में भी इजाफा हुआ है।
आतंकवाद का दंश झेल चुका है बनी
बनी सब-डिवीजन ने 90 के दशक से आतंकवाद का दंश झेला है। पिछले साल बढ़ी आतंकी गतिविधियों के कारण पर्यटन को झटका लगा था। छत्रगलां, ढग्गर और नुकनाली माता के आसपास हुए हमलों व इनकाउंटरों ने सुरक्षा चिंताएं बढ़ा दी थीं। लेकिन इस बार विदेशी पर्यटकों के आगमन ने लोगों में नई उम्मीद जगाई है। संवाद