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...ताकि बर्फबारी का कहर जान पर न बने

Sat, 17 Nov 2012 12:00 PM IST
Kathua
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कठुआ/बनी। सर्दी के मौसम की आहट से ही पहाड़ी इलाकों में सीजनल तैयारियों ने जोर पकड़ लिया है। एक तरफ जहां ग्रामीणों ने खाद्य सामग्री समेत अन्य रोजमर्रा जरूरत के सामान का भंडारण शुरू कर दिया है वहीं प्रशासन की ओर से भी पंचायत स्तर पर काम करने वाली सरकारी एजेंसियों को एलर्ट कर दिया है।
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सुदूरवर्ती पहाड़ी इलाकों में तो इन दिनों इमरजेंसी के लिए इंतजामों की कवायद चलाई जा रही है। कठुआ जिले की बनी तहसील के दर्जनों इलाकों में बर्फबारी का कहर टूटता है। वहीं बिलावर के पहाड़ी इलाके मछेडी और लोहाई मल्हार में भी बर्फबारी का सीजन खासा नागवार गुजरता है। बनी में सबसे ज्यादा परेशानी कोटी चंडियार, नुकनाली माता, भंडार, रोलका, संदरून, सरथल व सटे इलाकों में बर्फबारी से खासी मुश्किलें खड़ी होती हैं। बीते वर्ष इन तमाम इलाकों में यकायक हुई बर्फबारी से लोगों का जीना मुहाल हो गया था। एक तरफ जहां खाने पीने के सामान की कमी ने समस्या बढ़ाई तो दूसरी तरफ लगभग तीन महीने तक लगातार गुल रही बिजली ने परेशानियों को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया था। तीन महीने की लंबी मियाद तक बनी तहसील मुख्यालय उक्त तमाम सुदूरवर्ती इलाकों से लगातार कटा रहा। इसी अनुभव को देखते हुए इस सीजन में प्रशासन और आम ग्रामीणों ने समय से पूर्व ही आपात स्थितियों के लिए इंतजाम करने शुरू कर दिए हैं। एसडीएम बनी राजिंदर शर्मा के अनुसार मौसम की चुनौतियाें को ध्यान में रखते हुए प्रशासन की ओर से फील्ड में कार्यरत सरकारी अमले को दिशा निर्देश जारी किए जा चुके हैं। पंचायती नुमाइंदाें और अन्य सरकारी कर्मचारियों से कहा गया है कि वह ग्रामीणों को पहाड़ों के निचले इलाकों में जाने से मना करें। बर्फबारी के हालात कभी भी बन सकते हैं। इसे देखते हुए राशन और केरोसिन का भंडारण कर लिया गया है। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सुविधाओं से जुड़े कर्मचारियों को भी एलर्ट किया जा चुका है।
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