कठुआ । शहीद भगत सिंह के आदर्श रहे क्रांतिकारी करतार सिंह सराभा को शहीदी दिवस के अवसर पर याद किया गया। प्रोग्रेसिव स्टूडेंट्स एसोसिएशन के सदस्यों ने शहर के वार्ड सत्रह में आयोजित समारोह में क्रांतिकारी गीत गाकर सराभा को याद किया।
वक्ताओं ने करतार सिंह सराभा की जीवनी पर प्रकाश डाला और उनकी विचारधारा को वर्तमान में भी प्रासंगिक करार दिया। पीएसए की कॉलेज इकाई के अध्यक्ष संजय ने कहा कि करतार सिंह सराभा का जन्म 24 मई 1896 को हुआ था। गदर पार्टी के मंच से उन्हाेंने 16 नवंबर 1915 को शहादत पाई। सराभा के विचारों को क्रांतिकारी करार देते हुए उन्होंने कहा कि देश की वर्तमान व्यवस्था को भी ऐसे ही विचारों की जरूरत है। वक्ताओं ने कहा कि देश में आधी आबादी महिलाओं की है लेकिन आजादी के छह दशकाें बाद भी महिलाओं की स्थिति में ज्यादा सुधार नहीं हुआ है। भ्रूण हत्या से लेकर दहेज उत्पीड़न, बलात्कार, छेड़खानी, घरेलू हिंसा की समस्या लगातार बनी हुई हैं। एसोसिएशन के राज्य अध्यक्ष धीरज ने कहा कि शहीदाें को याद करने भर से नागरिकों की जिम्मेदारी का निर्वाह नहीं होता।
हालात जस की तस बने हुए हैं। ऐसे में सबसे पहले शहीदों के दिखाए मार्ग पर चलते हुए व्यवस्था में परिवर्तन की जरूरत है, जिसमें समूचे समाज की भूमिका होनी चाहिए। खासकर नौजवान पीढ़ी को शहीदों की राह पकड़नी चाहिए। इस अवसर पर सैफ अली, सुरेश, अजय, कुलबीर, यश, पवन प्रमुख रूप से मौजूद थे।