कठुआ। जम्मू-कश्मीर नेशनल हाईवे के कई दिनों तक प्रभावित रहने, जीएसटी के बाद वाहनों की संख्या अचानक गिर जाना और घाटी के तनावपूर्ण माहौल से परिवहन प्रभावित रहने के बाद भी लखनपुर टोल प्लाजा ने सरकारी खजाने में रिकार्ड राजस्व जमा किया है। 31 मार्च तक लखनपुर टोल प्लाजा ने राज्य सरकार की झोली में 644 करोड़ का राजस्व डाला, जो एक रिकार्ड है।
लखनपुर टोल प्लाजा ने वर्ष 2016-17 के जुटाए गए 566 करोड़ के राजस्व के मुकाबले वित्तीय वर्ष 2017-18 की समाप्ति पर 78 करोड़ का अतिरिक्त राजस्व दिया है। ऐसा तब है जब नान कामर्शियल वाहनों को टोल टैक्स में छूट पिछले दो महीने से जारी है। सरकारी ने इसकी पूर्ति के लिए कामर्शियल वाहनों से टोल वसूली को बढ़ा दिया था। वित्तीय वर्ष के दौरान लखनपुर टोल प्लाजा ने न सिर्फ अब तक का सर्वाधिक राजस्व वसूला है, बल्कि तय लक्ष्य को भी पूरा कर लिया है।
आबकारी विभाग की गणना में इस दफा टोल प्लाजा में वाहनों की आवाजाही पर लगने वाले टैक्स से 644 करोड़ वसूले गए हैं, जबकि पिछले वित्त वर्ष में 566 करोड़ रुपये वसूले गए थे। पिछले दस साल में लखनपुर टोल प्लाजा से सरकार को होने वाली आमदनी में तीन गुना से भी ज्यादा इजाफा हुआ है। वर्ष 2007-08 में लखनपुर टोल प्लाजा से सरकार को 206.62 करोड़ हासिल हुए थे। आबकारी विभाग से मिली जानकारी के अनुसार राज्य के हालात का सीधा असर लखनपुर टोल प्लाजा पर पड़ता है। कश्मीर के हालात खराब हों या फिर किसी भी तरह की हड़ताल, लखनपुर टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहनों की संख्या के साथ ही इसका असर राजस्व पर दिखाई देने लगता है। लक्ष्य के सामने चुनौतियां भी कम नहीं थीं, लेकिन उन्हें हासिल कर लिया गया है। आबकारी विभाग की माइनर पोस्टों ने भी राजस्व संग्रह में अच्छा योगदान दिया है।