- सीएसआर के तहत जिले में दो सौ से अधिक दाखिले वाले स्कूल चिन्हित
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। जिले के 80 सरकारी स्कूल अब वैकल्पिक ऊर्जा के स्रोत सौर ऊर्जा से रोशन होने जा रहे हैं। इसके लिए चयनित स्कूलों में सौर ऊर्जा प्रणाली स्थापित किए जाने का काम शुरू हो गया है। इस परियोजना के तहत प्रत्येक स्कूल में सोलर इन्वर्टर और सोलर पीवी प्लांट लगाए जाएंगे, जिससे मिलने वाली स्वच्छ और सतत ऊर्जा वहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए एक बड़ी सहूलियत होगी।
यह पहल कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के तहत कंधारी बेवरेजेज प्राइवेट लिमिटेड की ओर से संचालित की जा रही है। कंपनी ने स्कूलों में सौर इनवर्टर स्थापित करने की जिम्मेदारी ली है। इसके पहले चरण में जिले के 34 सरकारी स्कूलों में हारटेक सोलर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा सौर ऊर्जा प्रणाली स्थापित की जा रही है। जिससे स्कूलों को विद्युत आपूर्ति में सहायता मिलेगी और विद्यार्थियों को निर्बाध शिक्षा का लाभ मिलेगा।
इसमें सबसे बड़ी क्षमता वाली सौर ऊर्जा प्रणाली कठुआ शहर के बीच स्थित सरकारी मॉडल ब्वायज हायर सेकेंडरी स्कूल में स्थापित होगी। जिसकी क्षमता 21.8 किलोवाट होगी, जो पूरे स्कूल को रोशल कर सकेगी। जबकि अन्य स्कूलों में 5.45 किलोवाट क्षमता वाले उपकरण लगाए जाएंगे। स्कूलों को सुविधा संपन्न बनाने की इस पहल के तहत उन स्कूलों को प्राथमिकता दी गई है, जहां कम से कम 200 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, ताकि अधिक से अधिक छात्रों को इसका लाभ प्राप्त हो सके।
ज्ञात रहे कि करीब पांच वर्ष पूर्व समग्र शिक्षा के तहत जिले के 111 स्कूलों में सौर ऊर्जा प्रणाली पहले से ही स्थापित है। जिसमें 45 हायर सेकेंडरी स्कूल, 32 हाईस्कूल और 34 मिडिल स्कूलों को इस प्रणाली का लाभ मिल रहा है। ऐसे में 80 नए स्कूलों में सौर ऊर्जा प्रणाली के स्थापित हो जाने के बाद जिले के 191 स्कूलों में बिजली के गुल होने की समस्या का पूरी तरह से समाधान हो जाएगा। वहीं इससे पारंपरिक बिजली स्रोतों पर निर्भरता कम होगी और स्कूलों में स्वच्छ एवं पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा का उपयोग बढ़ेगा।
इस परियोजना के तहत विभिन्न स्कूलों में कार्य जारी है और जल्द ही सभी चयनित स्कूलों में सौर इनवर्टर की सुविधा उपलब्ध होगी। यह कदम न केवल शिक्षा क्षेत्र को मजबूती देगा, बल्कि पर्यावरण हितैषी ऊर्जा समाधान को प्रोत्साहित करने में भी सहायक होगा।
मंगत राम शर्मा, मुख्य शिक्षा अधिकारी कठुआ।