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जम्मू रेलवे स्टेशन के नजदीक पंजाब से आए वाहनों के साथ तोड़ फोड़

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जम्मू/कठुआ। श्री अमरनाथ यात्रियों को लेकर रेलवे स्टेशन जम्मू के बाहर जमकर हंगामा हुआ। रेलवे स्टेशन के टैक्सी चालकों और पंजाब से आए टैक्सी चालकों के बीच तीखी बहस के बाद पंजाब के वाहनों में तोड़फोड़ की गई। इन वाहनों में अमरनाथ के यात्री भी थे। हालांकि पुलिस और रेलवे टूरिस्ट टैक्सी आपरेटर एसोसिएशन ने खंडन किया है कि अमरनाथ यात्रियों पर कोई हमला नहीं किया गया। इतना जरूर है कि जम्मू के चालकों की पंजाब के चालकों से मारपीट हुई है। इसके तहत केस दर्ज कर लिया गया है।
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जानकारी के अनुसार रविवार पंजाब नंबर के कुछ वाहन रेलवे स्टेशन जम्मू के बाहर से अमरनाथ यात्रियों को बिठा रहे थे। तभी वहां जम्मू के चालक पहुंच गए। चालकों ने कहा कि निजी वाहनों को व्यवसायिक वाहन के रूप में काम करने का अधिकार नहीं है। जम्मू के चालकों ने कहा कि बिना अनुमति के कैसे यात्रियों को ले जा सकते हैं। वह लोग सरकार से पंजीकृत हैं और व ही यात्रियों को ले जाने के लिए मान्य हैं। इस पर पंजाब के चालक भी बहस करने लगे। गुस्साए जम्मू के चालकों ने करीब दस वाहनों में तोड़फोड़ कर दी। हालांकि बाद में पुलिस के हस्तक्षेप से मामला सुलझा। वाहन पंजाब के लिए रवाना हो गए।

सरकार करे कार्रवाई
पंजाब की कुछ कंपनियों ने अपने निजी वाहन यात्रा में लगा दिए हैं। इनके पास कोई परमिट नहीं। निजी वाहन यात्रियों को ले जाने के लिए मान्य नहीं है। इससे तो सीधा जम्मू के चालकों की रोजी छीनने की कोशिश की जा रही है। हमने प्रशासन को भी बताया था कि जो चालक बाहरी राज्यों से बिना परमिट के आ रहे हैं। उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। जब जम्मू के चालकों के हक पर कोई डाका डालेगा तो वह लोग गुस्सा होंगे। बहरहाल, उन्हें ऐसी किसी घटना की जानकारी नहीं है। न ही किसी चालक ने अमरनाथ के यात्रियों पर हमला किया है।
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अंचल सिंह, प्रधान, टूरिस्ट टैक्सी आपरेटर एसोसिएशन, जम्मू

अमरनाथ यात्रियों के साथ मारपीट नहीं
यह विवाद जम्मू और पंजाब के चालकों के बीच का है। अमरनाथ यात्रा पर कोई हमला नहीं हुआ। न ही किसी यात्री के साथ मारपीट हुई। पंजाब नंबर के वाहनों के शीशे जरूर तोड़े गए हैं। क्योंकि वह लोग बिना अनुमति और परमिट के व्यवसायिक काम कर रहे थे। पुलिस ने वाहनों में तोड़फोड़ करने वालों, अमरनाथ यात्रा पर हमला करने की अफवाह फैलाने वालों और अवैध रूप से यात्रियों को ले जाने को लेकर केस दर्ज किया है।
एसएचओ, त्रिकुटा नगर, परवेज सज्जाद

पहले से तय था कार्यक्रम, जानबूझ कर किया परेशान
पंजाब के भोगपुर निवासी दीदार सिंह, दयालपुर से आए संदीप, अमरीक सिंह और जरनैल सिंह ने बताया कि हर साल की तरह इस बार भी झारखंड से बाबा के भक्तों ने उनसे संपर्क कर यात्रा पर जाने की इच्छा जताई। इसके बाद वे डेढ़ दर्जन निजी वाहन लेकर तय कार्यक्रम के अनुसार जम्मू रेलवे स्टेशन के पास पहुंचे थे। सभी श्रद्घालु रेलवे स्टेशन पर पहुंचे और यहां से वे पंजाब में आए वाहनों से आगे की यात्रा पर जाना चाहते थे। सुबह पहले तो पुलिस ने पंजाब से आए वाहनों के चालान काटकर वर्दी के लिए परेशान किया, जबकि निजी वाहनों के लिए कोई वर्दी निर्धारित नहीं होती। एक चालक को दोपहर तक थाने में बैठाया गया।
उन्होंने बताया कि ट्रेन पहुंचने के बाद वे जैसे ही श्रद्घालुओं को अपने निजी वाहनों में बैठाने लगे, उसी वक्त कुछ स्थानीय लोगों और यूनियन के लोगों ने पत्थर और लाठियों के साथ हमला कर दिया। इस दौरान दस से अधिक वाहनों के शीशे टूट गए और चालकों से भी मारपीट की गई। चालकों ने कहा कि पुलिस सुबह से ही परेशान कर रही थी, ऐसे में मारपीट के बाद उन्होंने पंजाब लौटने में ही भलाई समझी। लखनपुर में करीब आधे घंटे तक रुके चालकों ने बताया कि पहले सुना था कि कश्मीर के हालात खराब हैं और वहां पत्थरबाजी होती थी, लेकिन जम्मू से ऐसा खट्टा अनुभव लेकर जा रहे हैं जिसे ताउम्र नहीं भूलेंगे।
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