कठुआ। पूर्व वन मंत्री चौधरी लाल सिंह के समर्थकों ने शहीदी चौक पर उनके समर्थन में प्रदर्शन करते हुए रसाना मामले की जांच सीबीआई से करवाने की मांग की है। उन्होंने लाल सिंह और पूर्व उद्योग मंत्री चंद्र प्रकाश गंगा के समर्थन में भी जमकर नारेबाजी की।
समर्थकों में शामिल जतिंद्र सिंह पप्पू ने कहा कि चौधरी लाल सिंह और चंद्र प्रकाश गंगा ने पार्टी को इस्तीफा सौंपा है। रसाना केस तीन महीने से चल रहा था। पहले पुलिस ने जांच की, उसमें बताया गया कि मर्डर हुआ। उसके बाद योजना बनाकर लाल सिंह के विरोध में काम शुरू हुआ।
यह दर्शाया गया कि लाल सिंह बैठक में गए थे और उन्होंने रेप के आरोपियों की मदद की, जो सरासर गलत है। जिन मीडिया वालों ने ऐसा किया वे मौके पर आते और लोगों की बात सुनते, तो सच्चाई पता चलती। लाल सिंह ने बैठक में कहा कि बेटी को इंसाफ मिले और सीबीआई जांच हो, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो जाए।
उन्होंने कहा कि चौधरी लाल सिंह साजिश का शिकार हुए हैं। रसाना मामले की जल्द सीबीआई जांच करवाई जानी चाहिए अन्यथा यह मामला बड़ा होता चला जाएगा।
इस मौके पर रविंद्र पठानिया ने कहा कि राज्य में, हर किसी ने बेटी के लिए इंसाफ की मांग की है।
उन्होंने कहा कि स्थानीय मीडिया जानता है कि क्या हुआ, लेकिन दिल्ली का मीडिया, जिसे पता नहीं कठुआ कहां है, रसाना कहां है, उसने मामले को तोड़-मरोड़ कर पेश किया। जिला कठुआ में 85 फीसदी हिंदू और 15 फीसदी मुस्लिम हैं, लेकिन सभी शांति से रहते हैं।
यदि सरकार निष्पक्ष जांच करवाना चाहती थी, तो कश्मीर से क्राइम ब्रांच के लोग क्यों बुलाए गए। लाल सिंह और गंगा ने लोगों की मांग को सुनकर क्या गलत किया। बच्ची के शव का पता नहीं चला, तो महबूबा मुफ्ती को भी इस्तीफा देना चाहिए था। यह जम्मू की आवाज को दबाने की साजिश है।