फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भाजपा नहीं चाहती उनके बिना बने सरकार: देवेंद्र राणा

विज्ञापन
विज्ञापन
कठुआ। भाजपा नहीं चाहती कि राज्य में उसके बिना अन्य दल सरकार बना लें। इसीलिए जब वह सरकार बनाने में विफल रही और दूसरे दल सरकार बनाने का प्रयास करने लगे तो उसने विधानसभा भंग करवा दी। नेकां ने तो सरकार गिरने के बाद ही कह दिया था कि विधानसभा भंग की जाए, लेकिन पांच महीने तक भाजपा अंदरखाने सरकार के लिए जोड़-तोड़ करती रही। सज्जाद लोन के साथ मिलकर भी सरकार बनाने की कोशिश की गई, लेकिन जब वह असफल हुई तो विधानसभा भंग करवा दी। ये बातें नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) के संभागीय प्रधान एवं पूर्व नगरोटा विधायक देवेंद्र सिंह राणा ने कठुआ में एक निजी समारोह में हिस्सा लेने के बाद कहीं।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि राजभवन में फैक्स न चलना, कोई चाय पिलाने वाला मौजूद न होना और इस तरह की अन्य कई बातें इतिहास में दर्ज होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में सरकार बनाने के लिए लेन-देन की बात तो राज्यपाल ने भी स्वीकार की है। भाजपा के विफल रहने के बाद रियासत में राज्यपाल शासन लगा दिया गया। आनन-फानन में दिल्ली में लिए गए इस फैसले से साफ हो गया कि दिल्ली नहीं चाहती थी कि भाजपा के बिना रियासत में कोई सरकार बने। उन्होंने कहा कि जब पीडीपी, नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस के बीच महागठबंधन की प्रक्रिया शुरू हुई तो राज्यपाल ने विधानसभा भंग कर दी। उन्होंने भाजपा की मंशा पर सवाल करते हुए कहा कि जब भाजपा को चंद विधायकों के सहयोग से सरकार बनाने की छूट दी गई तो महागठबंधन वाली सरकार क्यों नहीं बनने दी।

राममाधव के ‘महागठबंधन के पीछे पाकिस्तान का हाथ’ वाले बयान पर मांगा सबूत
राम माधव की तरफ से रियासत में महागठबंधन के पीछे पाकिस्तान के हाथ वाले बयान की निंदा करते हुए राणा ने कहा कि अगर भाजपा के पास कोई तथ्य या सबूत है तो वह सामने लाएं। बिना किसी आधार और तथ्य के बात करने से पूर्व एक बार जरूर सोचें। उन्होंने कहा कि राम माधव ने ऐसी बात कही है, जिससे राज्य की शांति के लिए बलिदान देने वाले लोगों का अपमान हुआ है। उन्होंने रियासत में 35-ए का भी पूरी तरह से समर्थन किया और कहा कि नेशनल कांफ्रेेंस इस पर पूरी तरह से कायम है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें