कठुआ। जम्मू कश्मीर के देश के साथ हुए विलय के बाद दो विधान-दो निशान के खिलाफ अभियान चलाने वाले जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की राज्य में पहली प्रतिमा लगने जा रही है। कठुआ के मुखर्जी चौक का नामकरण होने के वर्षों बाद चौक पर यह प्रतिमा स्थापित की गई है, जिसका अनावरण शनिवार को होगा। इससे पहले लखनपुर से सटे पंजाब के माधोपुर में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा को कुछ वर्ष पूर्व स्थापित किया गया था, लेकिन जम्मू कश्मीर में मुखर्जी की कोई प्रतिमा नहीं लग पाई थी। शहर के मुख्य बाजार में प्रतिमा स्थापना को लेकर काम कई माह से चल रहा था।
इस संबंध में पूर्व मंत्री राजीव जसरोटिया ने बताया कि जम्मू कश्मीर को देश का अभिन्न अंग बनाने में मुखर्जी का अहम योगदान है। परमिट सिस्टम के खिलाफ आवाज उठाते हुए उन्होंने इसी धरती पर बलिदान दिया। बताया कि बंगाल की धरती पर जन्मे डॉ. मुखर्जी ने जम्मू कश्मीर के लिए जो किया उसके लिए पूरा देश उनका ऋणी है और रहेगा।
बताया कि मुखर्जी भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए हमेशा ही प्रेरणास्त्रोत रहे हैं। यही वजह है कि उनके जन्म समारोह पर कठुआ के मुखर्जी चौक पर उनकी स्थापित की गई प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा, जिसमें पीएमओ राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह मुख्य रूप से मौजूद रहेंगे, वहीं भाजपा के पूर्व विधायक भी इस कार्यक्रम में भाग लेंगे।