कठुआ। कठुआ शहर से सटा कुल्लियां बडाला का ग्रामीण इलाका नशे का गढ़ बन चुका है। यहां कई जगह नशे की खेप युवाओं को बेची और आसानी से उपलब्ध करवाई जा रही है। न सिर्फ कठुआ और आसपास के ग्रामीण इलाकों बल्कि राज्य के अन्य हिस्सों से भी लत लगे युवा इस इलाके में पहुंच नशा खरीदकर आसपास ही सेवन भी करते हैं। यही वजह है कि पिछले कुछ समय से इलाके में क्राइम का ग्राफ भी बढ़ता जा रहा है। यह बातें बडाला की सरपंच शुभकर्णी ने बताईं। बताया कि नशे पर रोकथाम के लिए बाकायदा पुलिस चौकी भी इलाके में स्थापित की गई है, लेकिन कम पुलिसकर्मियों की तैनाती की वजह से इस कारोबार पर नकेल कस पाना मुनासिब नहीं हो पा रहा था। दो दिन पहले ही रात के अंधेरे में कठुआ से लौट रहे एक युवक को धमकाया गया था, जबकि लूटा भी गया था। जो अब बर्दाश्त से बाहर हो चला है। ऐसे में आसपास की तीन पंचायतों ने मिलकर अभियान चलाकर इन्हें पकड़ने का फैसला किया है।
पुलिस की मदद को जुटे युवाओं ने बताया कि रविवार सुबह से ही क्षेत्र के लोगों ने संदिग्ध लोगों पर नजर रखना शुरू कर दिया था। कुल्लियां में नशे की तलाश में रविवार को जो भी युवा पहुंचते रहे उन्हें पकड़कर पंचायतघर में बंद करने का सिलसिला शुरू कर दिया। बाकायदा पंचायत प्रतिनिधियों ने पुलिस को भी सूचना दी। मौके पर पहुंची नगरी और कठुआ पुलिस की टीमों ने संदिग्ध युवाओं को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
युवाओं की करवाई जाएगी मेडिकल जांच
एसएसपी कठुआ श्रीधर पाटील ने बताया कि पकड़े गए 15 संदिग्ध युवाओं की पुलिस मेडिकल जांच करवाने जा रही है। जांच के आधार पर ही आरोपियों से पूछताछ की जाएगी जिसके बाद नशा बेचने वालों और खरीदने वालों पर नकेल कसी जाएगी। बताया कि सीआरपीसी की धारा 55/109 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस की ओर से ड्राइव जारी है और विशेष तौर पर इस इलाके में आने वाले युवाओं पर नजर रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस नशे के खिलाफ लगातार कार्रवाई को जारी रखे हुए है और लोगों के सहयोग से अभियान में और भी तेजी लाई जाएगी।
पहले बेचते थे अवैध शराब, अब बेच रहे हेराइन
कुल्लियां बड़ाला इलाका क्राइम को लेकर पहली बार सुर्खियों में नहीं आया है। यह इलाका पहले भी नशे का गढ़ था। कुछ दशक पहले तक इस इलाके से गुजरने वाले लोगों को लूट लिया जाता था। लूट अब भी जारी है, लेकिन इस लूट से अब जान पर बन आई है। युवाओं के भविष्य को तबाह करने की बन गई है। पहले यहां के कई लोग जहां अवैध शराब का कारोबार करते थे वहीं अब हेराइन का धंधा कर रहे हैं। पंजाब और जम्मू कश्मीर के कई इलाकों से युवा नशे की डोज हासिल करने पहुंचते हैं। धरपकड़ अधिक होने के चलते आसपास की खड्डों में ही नशेड़ियों का जमावड़ा लगा रहता है, जिस बात की तस्दीक क्षेत्र के किसान भी करते हैं।