कठुआ। 150 करोड़ की लागत से बनकर तैयार कीड़ियां गंडियाल परियोजना का पीएमओ में मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने शनिवार को जायजा लिया। इस दौरान उनके साथ कठुआ विधायक राजीव जसरोटिया और जिला उपायुक्त रोहित खजूरिया भी मौजूद रहे। पीएमओ मंत्री ने कहा कि कीड़ियां गंडियाल एक ड्रीम प्रोजेक्ट था और यह परियोजना लगभग पूरी हो चुकी है। ऐसे में अब इसके लोकार्पण को लेकर विचार-विमर्श किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसका नींव पत्थर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने रखा था और उम्मीद है कि उन्हीं के हाथों इसका लोकार्पण भी होगा।
उन्होंने कहा कि काम समापन से पहले कुछ सुझाव दिए जाने हैं। इसके मद्देनजर ही वे इसका जायजा लेने पहुंचे थे। पीएमओ मंत्री ने कहा कि पिछले 70 वर्ष से इस पुल को लेकर मांग की जा रही थी, लेकिन किसी भी जनप्रतिनिधि ने इस मांग को न तो उजागर किया और न ही हल करने का प्रयास किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हम सरकार चलाने नहीं देश चलाने आए हैं। वोट की राजनीति और वोट की प्राथमिकता को छोड़कर मात्र दो पंचायतों के हित के लिए इस पुल का निर्माण करवाया गया है। इससे राजनीति में एक नई कार्य संस्कृति का भी विकास होगा।
तय समय से पांच माह पहले तैयार हुआ पुल
कीड़ियां और गंडियाल दो पंचायतों के लिए शुरू किए गए 150 करोड़ की लागत से तैयार होने वाले पुल में जिला प्रशासन ने अहम भूमिका निभाई है। परियोजना का क्रियान्वन कर रही एजेंसी के अधिकारी ने बताया कि जिस तरह से जून माह तक कार्य की गति थी, ऐसे में इस परियोजना को मार्च 2019 की समयावधि में पूरा कर पाना भी मुनासिब नहीं था। एक ओर जहां पुल का निर्माण तेजी से जारी रहा, वहीं दूसरी ओर सड़क को लेकर कुछ भी पहल आगे नहीं बढ़ पा रही थी। जराई चौक से गंडियाल तक आठ किलोमीटर लंबी सड़क से पीएचई, बिजली विभाग के ढांचों को हटाना सबसे बड़ी चुनौती रहा। यहां तक कि जराई अड्डे की ओर से भूमि अधिग्रहण का काम भी नहीं शुरू हो पाया था। ऐसे में जिला उपायुक्त रोहित खजूरिया ने स्वयं हस्तक्षेप कर पिछले चार महीनों में इस परियोजना को समापन की ओर ला दिया है। उन्होंने कहा कि एजेंसी का काम तो उपलब्ध जगह पर काम करना है लेकिन समय पर ढांचे को यदि शिफ्ट न करवाया जाता तो यह काम अगले वर्ष ही पूरा हो पाता।