अज्ञात चरमपथियो ने भारत प्रशासित कश्मीर के पुलवामा जिले में कम से कम तीन राजनीतिक कार्यकर्ताओ की हत्या कर दी है।
अब तक किसी चरमपथी समूह ने इन हत्याओ की जिम्मेदारी नही ली है। लेकिन घाटी के पुलिस प्रमुख जीए मीर ने कहा, "यह चरमपथियो की हरकत है।"
पुलवामा मे गोलीबारी की दो घटनाओ की जानकारी देते हुए स्थानीय पुलिस ने बताया है कि चरमपथियो ने भारतीय राष्ट्रीय काग्रेस के कार्यकर्ता और जिले के तराल नगर के स्थानीय पचायत प्रमुख गुलाम मोहम्मद मीर और उनके बेटे की हत्या कर दी।
पुलिस के मुताबिक, "गुलाम मोहम्मद मीर की मौत घटनास्थल पर हो गई। उनका बेटा जख्मी हो गया था, जिसकी अस्पताल ले जाते वक्त मौत हो गई।"
इस हादसे से महज एक घटे पहले इसी इलाके मे एक गाव प्रमुख की हत्या कर दी गई। पुलिस के मुताबिक इस हमले मे एक अन्य राजनीतिक कार्यकर्ता अपनी जान बचाने मे सफल रहा।
बढ गई है हिसा
एक सप्ताह के अदर पुलवामा मे विभिन्न हिसक वारदातो मे दस लोगो की मौत हुई है। इसमे चार चरमपथी और दो पुलिसकर्मी भी शामिल है। पुलवामा मे 24 अप्रैल को चुनाव होने है।
हिसक घटनाओ के बढने से कश्मीर की तीन ससदीय सीटो के चुनाव पर सकट गहरा रहा है। कश्मीर मे 24 अप्रैल, 30 अप्रैल और 7 मई को चुनाव होने है।
अलगाववादी समूहो ने चुनाव के बहिष्कार करने का अभियान चलाया हुआ है। ग्रामीण कश्मीर के कई इलाको मे ऐसे पोस्टर लगे देखे गए है जिसमे लोगो से मतदान मे हिस्सा नही लेने को कहा गया है, लेकिन अधिकारियो ने कई चरमपथियो को जेल मे बद कर करके इस अभियान पर अकुश लगाने की कोशिश की।
अलगाववादियो के साथ साथ सिविल सोसायटी के कार्यकर्ता भी चुनाव की वैधता पर सवाल उठा रहे है। जाने माने मानवाधिकार कार्यकर्ता खुरर्म परवेज चुनाव पर सवाल उठाते हुए कहते है, "जब कश्मीर मे कम से कम पाच लाख सुरक्षा बलो की तैनाती हो तब ऐसे मे क्या इन चुनावों के निष्पक्ष होने का भरोसा किया जा सकता है?"