कश्मीर में हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर जाकिर मूसा का सामने आया वीडियो इस बात की ओर इशारा कर रहा है कि आतंकी आईएस की राह पर हैं। विशेषज्ञ इस वीडियो को कश्मीर में आतंकवाद की स्ट्रेटेजी में बदलाव के रूप में देख रहे हैं। मूसा की चेतावनी में बदली रणनीति का संदेश नजर आ रहा है। सेवानिवृत्त डीजी मिलिट्री इंटेलीजेंस लेफ्टिनेंट जनरल आरएन सिंह का कहना है कश्मीर में आतंकी आईएस की रणनीति फॉलो करने लगे हैं।
शुक्रवार को मूसा का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें उसने हुर्रियत नेताओं को धमकी दी थी। कहा था कि इस्लाम के लिए किए जा रहे संघर्ष में उन्होंने कांटा बनने की कोशिश की तो सिर काटकर लाल चौक पर टांग दिए जाएंगे। इससे लगता है कि आतंकियों ने अपनी करतूतों को इस्लाम से जोड़ने की कवायद शुरू कर दी है। दूसरी घटना छुट्टी पर गए लेफ्टिनेंट उमर फैयाज की हत्या की है। खास तौर पर लेफ्टिनेंट की हत्या के बाद आतंकियों को स्थानीय समर्थन मिलने में दिक्कत आ सकती है। ऐसे में वे धर्म को आधार बनाकर अपनी करतूतें जारी रखना चाहते हैं।
रिटायर्ड डीजी मिलिट्री इंटेलीजेंस लेफ्टिनेंट जनरल आरएन सिंह का कहना है कश्मीर में आतंकी आईएस की रणनीति फॉलो करने लगे हैं। इस्लाम धर्म को आधार बनाकर अब वह आगे बढ़ना चाहते हैं। गलत काम के लिए धर्म के नाम पर लोगों जोड़ने की उनकी यह कोशिश है। यह ठीक उसी तरह है जब आईएस को सीरिया और इराक में नकार दिया गया तो उन्होंने इस्लाम धर्म को आधार बनाया। अब वे कश्मीर से इस्लामिक स्टेट की रणनीति को साउथ एशिया तक फैलाना चाहते हैं।