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कश्मीर एडिटर्स गिल्ड ने पत्रकारों को धमकी देने वाले भाजपा नेता की निंदा की

Sun, 24 Jun 2018 05:22 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू कश्मीर
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- फोटो : file photo
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कश्मीर एडिटर्स गिल्ड (केईजी) ने भाजपा नेता और जम्मू - कश्मीर सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके चौधरी लाल सिंह की ओर से कश्मीरी पत्रकारों को दी गई धमकी की आज निंदा की। केईजी के एक प्रवक्ता ने यहां बयान में कहा, केईजी ने कश्मीरी मीडिया को सीधी धमकी देने वाले सिंह के आपराधिक बयान की निंदा की है। सिंह, जिन्हें पहले भी अनाप - शनाप बयान देने की बीमारी से जूझने वाला करार दिया जा चुका है, इस बार आगे बढ़ गए और कश्मीर की मीडिया को सीधी धमकी दे डाली।

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भाजपा विधायक लाल सिंह ने कल कश्मीरी पत्रकारों पर ‘‘ गलत माहौल ’’ बनाने का आरोप लगाते हुए उन्हें धमकी दी थी कि वे हद में रहें, वरना जानेमाने पत्रकार और राइजिंग कश्मीर अखबार के संपादक शुजात बुखारी जैसे हश्र का सामना करना होगा। पिछले दिनों बुखारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। लाल सिंह ने कल पत्रकारों से कहा था, कश्मीरी पत्रकारों ने गलत माहौल बना डाला है। मैं उनसे कहूंगा कि वे हद में रहें आप उस तरह रहना चाहते हैं जैसा बशारत (शुजात बुखारी) के साथ हुआ अपना ख्याल रखें और हद में रहें ताकि भाईचारा न टूटे और इसे बनाकर रखा जाए ताकि प्रगति एवं विकास सुनिश्चित किया जा सके। 

आज एक ट्वीट कर भाजपा नेता ने कहा, तथ्यों की रिपोर्टिंग करने और आतंकवादियों एवं उनसे हमदर्दी रखने वालों का समर्थन करने के बीच एक रेखा खींचने की जरूरत है। किसी चीज को तोड़मरोड़ कर पेश करना आम हो गया है और तथ्यों की रिपोर्टिंग दुर्लभ हो गई है। पत्रकारीय आजादी पूरी है लेकिन राष्ट्र एवं राष्ट्रवाद की कीमत पर नहीं। एडिटर्स गिल्ड ने कहा, सिंह का बयान संकेत देता है कि उनके पास बुखारी की हत्या के बारे में कोई सूचना है और उसकी जांच की जानी चाहिए। केईजी के पास विधायक के खिलाफ केस दर्ज कराने का अधिकार सुरक्षित है जिन्होंने पहले भी कठुआ मामले की जांच, जो अब मुकदमे के दौर में है, को लेकर कई रिपोर्टरों को कोसा है।
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अप्रैल में पीडीपी की अगुवाई वाली पिछली गठबंधन सरकार से इस्तीफा देने के बाद कठुआ बलात्कार एवं हत्याकांड की सीबीआई जांच कराने की मुहिम चला रहे सिंह जनवरी में हुई इस घटना के बारे में ‘‘ गलत धारणा ’’ बनाने के लिए मीडिया, खासकर कश्मीरी पत्रकारों, को अक्सर जिम्मेदार ठहराते रहे हैं। 

कठुआ कांड के आरोपियों के समर्थन में हुई एक रैली में हिस्सा लेने को लेकर सिंह और उनके सहकर्मी चंदर प्रकाश गंगा को 13 अप्रैल को मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। कश्मीर एडिटर्स गिल्ड ने यह भी कहा कि गिल्ड बुखारी हत्याकांड की जांच की धीमी रफ्तार से निराश है। बीते 14 जून को अज्ञात बंदूकधारियों ने बुखारी और उनके दो निजी सुरक्षा अधिकारियों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। 

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