खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान पाया कि 11 साल में जीर्णोद्धार का काम सिर्फ 10 फीसदी ही हुआ है। इसके अलावा 12 लाख पन्नों का डिजिटलीकरण भी नहीं हुआ। इस कार्य को 31 मार्च 2023 को पूरा होना था।
जम्मू की ऐतिहासिक मुबारक मंडी के जीर्णोद्धार के धीमे कार्य पर हाईकोर्ट ने कड़ा एतराज जताया है। इस मामले से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने देखा कि पिछले 11 साल में केवल 10 फीसदी बहाली का काम पूरा हुआ है, जबकि मुबारक मंडी के अभिलेखागार के लगभग 12 लाख पृष्ठों का अभी भी डिजिटलीकरण किया जाना बाकी है।
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यह बेहद गंभीर मामला है। इसलिए हाईकोर्ट की टीम मुबारक मंडी का दौरा करेगी। इसमें देखा जाएगा कि इसका काम कितना पूरा हुआ है। 3 अप्रैल को दोपहर 1.30 बजे हाईकोर्ट के न्यायाधीशों की टीम दौरा करेगी।
बता दें कि ठाकुर चतर सिंह ने हाईकोर्ट में इसे लेकर याचिका दायर की थी। इसमें मुबारक मंडी के जीर्णोद्धार और पुराना स्वरूप बहाल करने और रिकार्ड को डिजिटाइज करने की मांग की गई थी। न्यायाधीश ताशी रबस्टन और राजेश सेकरी की खंडपीठ ने याचिका पर सुनवाई की।
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खंडपीठ ने देखा कि 11 साल में 10 फीसदी काम भी नहीं हुआ, जबकि 12 लाख पन्नों का डिजिटलीकरण भी नहीं हुआ। इसके कार्य को 31 मार्च 2023 को पूरा होना था। इस समय मार्च चल रहा है और इसका काम अब भी वैसा ही है। आदेश दिया है कि वह 3 अप्रैल को मुबारक मंडी का दौरा करेंगे और उस समय मंडलायुक्त जम्मू भी मौजूद रहने चाहिएं।