केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रिफ्यूजयों के साथ भी न्याय करने का काम किया है। जम्मू कश्मीर की बेटियों जिनकी शादी अन्य राज्यों में होने पर उन्हें संपत्ति के अधिकार से वंचित किया जाता था, उनको अधिकार दिलाने का काम किया है।
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा है कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर को वापस लेना सरकार के एजेंडे में है। यह बातें सोमवार को केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने लंदन में जम्मू-कश्मीर के विद्यार्थियों और सामाजिक संगठनों के साथ बैठक के दौरान ने कही।
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उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का पदभार संभालने के बाद से नरेंद्र मोदी ने जम्मू कश्मीर के मामले में 1947 से पूर्ववर्ती सरकारों की तरफ से की गई कई गलतियों को सुधारने का काम किया है। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 की समाप्ति के बाद जम्मू कश्मीर के लोगों में अपनेपन की भावना बढ़ी है और उन्हें लग रहा है कि देश के अन्य हिस्सों के नागरिकों के समान उन्हें भी अधिकार मिले हैं।
उन्होंने ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रिफ्यूजयों के साथ भी न्याय करने का काम किया है। जम्मू कश्मीर की बेटियों जिनकी शादी अन्य राज्यों में होने पर उन्हें संपत्ति के अधिकार से वंचित किया जाता था, उनके साथ भी न्याय करने का काम किया है।
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उन्होंने कहा कि गलतियों को सुधारने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कदमों का ही परिणाम है कि विश्व भर में भारत का कद और सम्मान बढ़ा है। उन्होंने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने अगर गृहमंत्री सरदार पटेल को जम्मू कश्मीर के मामले का हल भी अन्य राजशाही वाली रियासताें की तरह करने दिया होता तो जम्मू कश्मीर के जिस हिस्से पर पाकिस्तान ने अवैध रूप से कब्जा करके रखा है, वह भी जम्मू कश्मीर का हिस्सा होता।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार और सियासी तौर पर भाजपा के एजेंडे में पाकिस्तान अधिकृत जम्मू कश्मीर के हिस्से को वापिस लेना शामिल है। इस अवसर पर सिंह ने विभिन्न समूहों से बातचीत में उन्हें भारत विरोधी ताकतों के खिलाफ एकजुट रहने की अपील की।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के पक्ष को पूरा विश्व सुनने को तैयार है और कोई भी भारत की एकता और अखंडता को नुकसान नहीं पहुंचा सकता है। बैठक में जम्मू कश्मीर स्टडी सेंटर की लंदन शाखा के प्रतिनिधियों के अलावा जम्मू कश्मीर के डोगरा संगठनों और कश्मीरी पंडित समूहों के सदस्य शामिल रहे।