कश्मीर संभाग के सरपंच, पंच एक बार फिर आतंकियों के निशाने पर हैं। दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले में इन्हें हिजबुल मुजाहिदीन ने एक पोस्टर जारी कर अपनी गतिविधियां रोकने या फिर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है।
हालांकि, पुलिस ने पोस्टर चिपकाए जाने को शरारत बताया है। साथ ही जनप्रतिनिधियों को हरसंभव सुरक्षा देने का भरोसा भी दिया है।
आतंकी संगठन के इस पोस्टर पर पंचों और सरपंचों को अपनी गतिविधियां रोकने की धमकी दी है। इसमें कहा गया कि अगर जनप्रतिनिधि क्षेत्र में सक्रिय रहे तो इसकी नतीजा झेलने को तैयार रहें। पोस्टर में कुछ स्थानीय पीडीपी तथा नेकां नेताओं को हद में रहकर राजनीति करने के लिए चेताया गया है।
इसके अलावा सरकार के डोगरा सर्टिफिकेट को ढोंग बताया गया है और अकाफ कमेटी के सदस्यों की गतिविधियों को मुहिम विरोधी बताया है। पोस्टर में लोगों से कश्मीर की तहरीक को मजबूत करने में सहयोग की अपील की गई है।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार पुलवामा जिले के क्विल इलाके में शुक्रवार की सुबह एक दीवार पर हिजबुल मुजाहिदीन का उर्दू में लिखा धमकी भरा पोस्टर चिपका मिला था। पुलिस ने पोस्टर हटा दिया।
आधिकारिक तौर पर कश्मीर संभाग में इन धमकियों के डर से अब तक छह पंच तथा सरपंच आतंकियों का शिकार बन चुके हैं, जबकि एक महिला पंच सहित कई घायल भी हुए हैं। धमकियों के बाद एक दर्जन के लगभग पंच, सरपंच इस्तीफा देने को भी मजबूर भी हुए हैं।