बारामुला जिले के सोपोर में मंगलवार को सुरक्षाबलों ने अल-बदर कमांडर गनई ख्वाजा को मार गिराने में सफलता पाई। इस संबंध में कश्मीर जोन के आईजी विजय कुमार ने बताया कि सोपोर पुलिस को आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस सेना और सीआरपीएफ ने इलाके की घेराबंदी की। इसी दौरान आतंकियों की ओर से फायरिंग शुरू हो गई। जवाबी कार्रवाई में गनई ख्वाजा मारा गया, जबकि उसके दो साथी मौके से भाग निकले। मारे गए आतंकी के पास से भारी मात्रा में हथियार व गोला बारूद बरामद हुआ है।
गनई ख्वाजा साल 2000 में पाकिस्तान गया था। जहां से 2002 में वापस आया। इसके बाद उसकी गिरफ्तारी हुई, 2008 में वह आतंकी संगठन अल बदर में शामिल हो गया। पिछले कुछ महीनों में मारे गए आतंकियों को उसने पाकिस्तान के इशारे पर भर्ती किया था। गनई का मारा जाना सुरक्षाबलों के लिए बड़ी सफलता है।
इसके बाद आईजी ने बताया कि पुलिस ने अवंतीपोरा में जैश और लश्कर के एक मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। जोकि पुलवामा की तरह एक बड़े आईईडी ब्लास्ट और फिदायीन हमले की साजिश रच रहे थे। एक कार बरामद कर ली गई है। आतंकियों के सात सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया है। इस मॉड्यूल को सीमा पार से निर्देश मिल रहे थे। गिरफ्तार आतंकियों के सहयोगियों में से एक पंपोर में सीआरपीएफ शिविर पर ग्रेनेड हमले में शामिल था।