जम्मू-कश्मीर में संपत्ति कर का निर्धारण संपत्ति की आयु, प्रयोग करने के तरीके और निर्माण के घटक को देखकर ही किया जाएगा। जम्मू के गांधीनगर में 4500 वर्ग फुट में बने 35 साल पुराने आवासीय मकान पर करीब 5758 सालाना संपत्ति कर लगेगा।
इसी तरह सरवाल में 2000 वर्ग फुट में बने 25 साल पुराने मकान पर सालाना 1063 कर लगेगा। छन्नी क्षेत्र में पांच साल पुराना मकान जो 3500 वर्गफुट में बना होगा, उसे सालाना 3574 रुपये कर देना होगा। पुराने शहर में 200 वर्गफुट में बनी छोटी दुकान पर सालाना करीब 838 रुपये संपत्ति कर लगेगा।
यह जानकारी जम्मू नगर निगम के आयुक्त राहुल यादव ने मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता की अध्यक्षता में वीरवार को हुई नागरिक व पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में दी। बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि 1000 वर्गफुट में बनाए गए छोटे घरों को संपत्ति कर से छूट दी गई है।
छोटे व्यापारियों पर भी संपत्ति कर का बेहद कम बोझ डाला गया है। देश में जम्मू कश्मीर ऐसे प्रदेशों में शामिल था, जहां संपत्ति कर लागू न होने से स्थानीय निकाय आत्मनिर्भर नहीं बन पा रहे थे। उन्होंने कहा, संपत्ति कर लागू होने से स्थानीय निकायों की वित्तीय हालत में सुधार आएगा और रोजगार का सृजन होने के साथ साथ सेवाओं में भी सुधार देखने को मिलेगा।
उन्होंने जिला उपायुक्तों को संपत्ति कर के मामले में लोगों में जागरूकता लाने के निर्देश दिए। शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव राजेश प्रसाद ने बताया कि धर्म स्थलों और श्मशान घाटों को भी संपत्ति कर से छूट दी गई है। संपत्ति के मूल्य का केवल पांच फीसदी आवासीय तथा गैर आवासीय संपत्ति के मामले में छह फीसदी कर रहेगा।
उन्होंने कहा, ग्रामीण क्षेत्रों में कोई संपत्ति कर लागू नहीं होगा। बैठक में गृह विभाग के प्रधान सचिव एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव आरके गोयल, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, जिला उपायुक्तों के अलावा जम्मू और श्रीनगर नगर निगमों के आयुक्तों ने भी बैठक में हिस्सा लिया।