नेशनल कांफ्रेंस के वरिष्ठ नेता व पूर्व कानून मंत्री सईद बशारत बुखारी ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला को पत्र लिखकर इस फैसले से अवगत कराया। साथ ही आग्रह किया कि इसे स्वीकार करें।
डीडीसी चुनाव के बाद बशारत ने गुपकार गठबंधन के औचित्य पर सवाल उठाया था। तभी से माना जा रहा था कि वे पार्टी से किनारा कर सकते हैं। चर्चा है कि वे अपनी नई पारी की शुरुआत अल्ताफ बुखारी की अपनी पार्टी से कर सकते हैं।
उधर, उमर अब्दुल्ला ने अपने ट्विटर अकाउंट से बुखारी को शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि वह जम्मू-कश्मीर के लोगों को राजनीतिक अनुभवों का लाभ देंगे। वह एक साल से अधिक समय तक नजरबंद रहे और कोविड से परेशानियां झेलीं। ज्ञात हो कि बारामुला के संग्रामा से विधायक रहे बुखारी पीडीपी में रहते हुए भाजपा-पीडीपी सरकार में कानून मंत्री थे। दिसंबर 2018 में वे पीडीपी को छोड़कर नेकां में शामिल हुए थे।
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बता दें कि बुखारी ने पार्टी के उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को एक अलग पत्र लिखकर इसका जिक्र किया और अपने संक्षिप्त कार्यकाल के दौरान उनके प्यार और स्नेह के लिए आभार व्यक्त किया था। पूर्व विधायक बुखारी ने नेकां के साथ दो साल, दो माह और 21 दिन के कार्यकाल को एक दिलचस्प यात्रा करार दिया है।