कश्मीर घाटी में तैनात सेना के जवानों पर तनाव फिर हावी हो रहा है। इस तनाव में जवान आत्महत्या ही नहीं, साथियों तक की हत्या को अंजाम दे रहे हैं।
सेंट्रल कश्मीर के बडगाम स्थित कैंप धरमुना में शुक्रवार को सेना के सूबेदार ने गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी, जबकि बुधवार को ही मनसाबल सोफापोरा में जवान ने अपने ही पांच साथियों को गोलियों से भून दिया था।
पुंछ में भी एक महीने पहले जवान ने खुद को गोली मार ली थी। ट्रांजिट कैंप जम्मू में भी दो जवानों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इनका कारण भी तनाव बताया गया है। ऐसी घटनाओं में पिछले एक महीने से आठ जवानों की मौत हो चुकी है।