हाईकोर्ट ने एक नशा तस्कर को सुनाई गई सजा पर रोक लगाने की अर्जी को खारिज कर दिया। जस्टिस धीरज सिंह ठाकुर और पुनीत गुप्ता वाली खंडपीठ ने भारत भूषण की अर्जी पर सुनवाई की। खंडपीठ ने कहा कि वह इस आरोपी की अर्जी पर संतुष्ट नहीं हैं। सजा के निलंबन और दोषी को जमानत देने की प्रार्थना का फैसला करते समय न्यायालय द्वारा अपराध की प्रकृति को कभी नहीं देखा जा सकता है।
अपीलकर्ता की प्रकृति अपराध की प्रकृति और अधिनियम के प्रावधानों के तहत निर्धारित सजा को ध्यान में रखते हुए ऐसे मामलों में जमानत की मांग नहीं हो सकती। आरोपी के खिलाफ जमानत का कोई आधार नजर नहीं आता। आरोपी के दो और सहयोगी भी हैं। इन सबको 12 साल की सजा सुनाई गई थी।
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ट्रायल कोर्ट से रिकार्ड वापस मांगा
कश्मीर के कोकरनाग में एक नाबालिग की हत्या और दुष्कर्म मामले में ट्रायल कोर्ट की रिपोर्ट और जांच को हाईकोर्ट ने वापस मांगा है। दो महीनों के भीतर यह रिपोर्ट वापस करने को कहा गया है। यह मामला आरोपी की जन्म तिथि को लेकर है। ऐसा कहना है कि जिस वक्त यह वारदात हुई, उस वक्त आरोपी भी नाबालिग था। जस्टिस ताछी रबस्टन और संजय डार वाली खंडपीठ ने सोमवार को मामले पर सुनवाई की।