जीएमसी जम्मू में इमरजेंसी तंत्र को मजबूत बनाया जा रहा है। कोविड की तीसरी लहर की तैयारी की दिशा में 100 बिस्तर वाले नए इमरजेंसी ब्लाक को 15 जुलाई को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की ओर से समर्पित किया जाना प्रस्तावित है। इस तीन मंजिला ब्लॉक के निर्माण से जम्मू संभाग के दस जिलों की लाखों की आबादी को जीएमसी में मजबूत और आधुनिक इमरजेंसी सेवाएं मिल सकेंगी।
इस ब्लॉक में गंभीर मरीजों के लिए 60 आईसीयू बेड स्थापित किए जा रहे हैं। इस ब्लॉक के साथ जीएमसी में इमरजेंसी बिस्तर की क्षमता 300 पहुंच जाएगी। जीएमसी में वर्तमान में पुराने इमरजेंसी ब्लॉक, रूम नंबर 7 और 4, ओल्ड इमरजेंसी वार्ड, रिकवरी वार्ड, आईसीयू में इमरजेंसी मरीजों को इलाज दिया जा रहा है। इन यूनिटों में 200 बिस्तर स्थापित हैं, लेकिन संभाग भर से मरीजों का लगातार लोड बढ़ने से नए इमरजेंसी ब्लाक की जरूरत महसूस की जा रही थी।
नए इमरजेंसी ब्लॉक में लगभग कार्य पूरे कर लिए गए हैं। इसमें मरीजों की जरूरत के मुताबिक चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। खासतौर पर गंभीर मरीजों को आईसीयू बेड के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। कोविड की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए नए इमरजेंसी ब्लॉक में ऑक्सीजन की पर्याप्त आपूर्ति के लिए 2400 एलपीएम ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट को स्थापित किया जा रहा है। कोविड की तीसरी लहर की सूरत में इस ब्लॉक को आपात सेवाओं के लिए इस्तेमाल भी किया जाएगा।
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नए इमरजेंसी ब्लॉक में ऑक्सीजन और वेंटिलेटर से जुड़े बिस्तर होंगे। जिससे रोगी चिकित्सा देखभाल मजबूत होगी। स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य आयुक्त अटल डुलू ने बताया कि 15 जुलाई को नवर्निमित नए इमरजेंसी ब्लॉक को उपराज्यपाल शुरू करेंगे। नए इमरजेंसी ब्लॉक से जीएमसी में आपात स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी। इससे हजारों मरीजों को चिकित्सा लाभ मिलेगा।