कोरोना काल में जनता की सचिवालय में पहुंच न हो पाने के चलते सरकार ने सभी प्रशासनिक सचिवों को प्रतिदिन एक घंटा जन समस्याएं सुनने के निर्देश जारी किए हैं। दोपहर ढाई से साढ़े तीन बजे तक का समय इसके लिए निर्धारित किया गया है।
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सामान्य प्रशासनिक विभाग के सचिव मनोज कुमार द्विवेदी की तरफ से बुधवार को जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि सभी प्रशासनिक सचिव अधिसूचित टेलीफोन नंबर या वीडियो कांफ्रेंसिंग अथवा व्यक्तिगत तौर पर जन समस्याओं को सुनने के लिए निर्धारित समय में कार्यालय में उपलब्ध रहें।
हालांकि, जिस दिन प्रशासनिक सचिव आधिकारिक तौर पर किसी दौरे पर होंगे उस दिन समस्याएं नहीं सुनी जाएंगी। सभी प्रशासनिक सचिव दैनिक आधार पर प्रतिनिधिमंडलों या जन प्रतिनिधियों या जनता से मिलने का समय निर्धारित कर लें।
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वह अपने ऑनलाइन वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से मिलना चाहते हैं या टेलीफोन या व्यक्तिगत तौर पर कार्यालय में, इसका पूरा शेड्यूल तय कर इसकी सूचना आम लोगों तक पहुंचाएं। कोरोना काल में नागरिक सचिवालय में आम लोगों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है। ऐसे में जनता की समस्याओं की सुनवाई नहीं हो पा रही थी।
नए प्रशासनिक मुखिया के आने के बाद नई पहल
नए मुख्य सचिव डॉ. अरुण मेहता द्वारा प्रशासनिक कमान संभालने के साथ ही आम जनता से प्रशासन को जोड़ने की कवायद तेजी से शुरू हो गई है। इस संवाद प्रक्रिया को इसी का हिस्सा माना जा रहा है।