एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि परियोजना के तहत जरूरी बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाएगा, जिससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। इसके साथ ही इस आध्यात्मिक स्थल के संरक्षण और सौंदर्यीकरण पर भी ध्यान दिया जाएगा।
सरकार का मानना है कि इस पहल से दक्षिण कश्मीर के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल खू साहिब झरने का महत्व और बढ़ेगा तथा श्रद्धालुओं के अनुभव को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
यह मंजूरी जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा हाल ही में विरासत संरक्षण से जुड़े दो अन्य बड़े प्रोजेक्टों को स्वीकृति दिए जाने के बाद आई है। इनमें शोपियां की ऐतिहासिक जामिया मस्जिद शरीफ और रामबन स्थित प्रसिद्ध सर्वधार चौमंडा माता मंदिर के संरक्षण व पुनरुद्धार के लिए कुल 16.36 करोड़ की परियोजनाएं शामिल हैं।