मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर के युवाओं की क्षमता पहचानने का अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया है। कहा कि यहां के युवा शक्ति की महत्वाकांक्षा को आपकी विशेषज्ञता के पंखों की जरूरत है। दुर्भाग्य से हमारी सफलता की कहानियां हिंसा के शोर में दब जाती हैं।
मुख्यमंत्री ने यह बात सोमवार को श्रीनगर में भारत में जर्मनी के राजदूत डा. मार्टिन नेय से मुलाकात के दौरान कहीं। डा. नेय के साथ उनकी पत्नी डा. मेड गैब्रिएल नेय भी थीं। महबूबा ने राज्य में हिंसा के लगातार खतरे के बावजूद युवाओं के भविष्य को आकार देने के लिए यहां के लोगों की दृढ़ता की प्रशंसा की।
उन्होंने उम्मीद जताई कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय प्रतिभाशाली युवाओं की महत्वाकांक्षा को पंख देने के लिए आगे आएगा। उन्होंने जम्मू-कश्मीर तथा अंतरराष्ट्रीय युवाओं के बीच विचारों के आदान-प्रदान पर भी जोर दिया।
कहा कि जर्मनी जैसे देश जो कौशल विकास, जैव प्रौद्योगिकी, पशुपालन और बागवानी के क्षेत्र में विशेषज्ञता का खजाना हैं, से हमारे छोटे कदमों को गति मिल सकती है। ज्ञान का हस्तांतरण तभी हो सकता है जब आपसी हित के मामलों पर स्वस्थ बहस हो।