दुनिया भर में मशहूर इस स्की रिजॉर्ट के सौंदर्य पर अवैध निर्माणों का ग्रहण लग रहा है।
श्रीनगर से गुलमर्ग की राह में टंगमर्ग से निकलते ही एक सरकारी बोर्ड नजर आता है जिसमें टेंट गाड़ने पर रोक की मुनादी दर्ज है।
इस पर लिखा है कि ‘पीचिंग टेंट इज प्रोहिबिटेड इन गुलमर्ग’, लेकिन इसके बावजूद भी स्थाई अवैध निर्माण कई स्थानों पर आकार लेता दिखता है।
प्रावधानों के मुताबिक इस खूबसूरत पर्यटन स्थल की इकोलॉजी को बचाए रखने के लिए नए निर्माण की इजाजत नहीं है लेकिन प्रभावशाली लोगों के संरक्षण में यह कंक्रीट के जंगल का आकार लेता जा रहा है।
इन अवैध निर्माणों पर हाईकोर्ट ने भी संज्ञान लिया है और रियासती सरकार से स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। हाईकोर्ट ने जमीन की नई लीज पर भी रोक लगा दी है।
वन भूमि पर अतिक्रमण से कायदे कानून की धज्जियां उड़ाई जाने लगी तो कुछ लोगों ने अदालत की शरण ली।
हाईकोर्ट ने चीफ टाउन प्लानर को गुलमर्ग के लिए मास्टर प्लान बनाने के भी निर्देश दिए हैं। आतंकी घटनाओं में कमी के बाद अब कश्मीर आने वाले पर्यटकों का पड़ाव गुलमर्ग में बढ़ा है।
श्रीनगर बेस कैंप रहता है लेकिन कई पर्यटक गुलमर्ग में ही ठहरना पसंद करते हैं।