हर-हर मोदी के जिस नारे पर तूफान खड़ा हुआ है वह रणनीति के तहत गढ़ा गया था। जम्मू में एक दिसम्बर को मोदी की रैली में भी यह नारा मंच से गूंजा था। तब मोदी के वाराणसी से उम्मीदवार बनने की चर्चा तक नहीं थी। कुछ नेताओं ने इस नारे को अपने मोबाइल का कालर ट्यून भी बना रखा है।
मोदी एक बार फिर 26 मार्च को जम्मू संभाग में पाकिस्तान की सीमा पर स्थित हीरानगर में रैली को संबोधित करने वाले हैं। केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद के इलाके में मोदी की गर्जना के मद्देनजर सतर्कता बढ़ा दी गई है।
हर-हर मोदी, घर-घर मोदी के नारे पर द्वारका और ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरुपानंद द्वारा इस नारे पर आपत्ति जताए जाने के बाद से भाजपा नेता इसे पार्टी का नारा मानने से इनकार कर रहे हैं।