स्थानीय किसानों ने बताया कि यह ओलावृष्टि सुंदरबनी के सीमित क्षेत्र में होने से किसानों की फसलों को होने वाला बड़ा नुकसान नहीं हुआ। केवल पांच से 10 मिनट तक ही इस तरह की ओलावृष्टि हुई, जिससे लोगों में दहशत का माहौल पैदा हुआ।
सुंदरबनी के साथ लगती पंचायत पतराडा में बुधवार दोपहर बाद शाम को लगभग 4:00 बजे के आसपास अचानक आसमान से भारी ओलावृष्टि होने लगी। ओले भी इतने बड़े कि यदि किसी व्यक्ति को एक भी लग जाए तो वह घायल हो जाए। आसमान से अचानक हुई ओलावृष्टि से सुंदरबनी शहर के आसपास के उन क्षेत्रों में लोगों ने भाग-भागकर अपने मकानों, घरों तथा छत वाले टीन शैड के अंदर भागकर खुद को सुरक्षित किया।
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यह ओलावृष्टि अचानक हुई है और हैरानगी की बात यह है कि इस ओलावृष्टि के दौरान एक भी बूंद पानी की आसमान से धरती पर नहीं गिरी, जबकि औलों से धरती सफेद चादर में बदलती हुई नजर आई। स्थानीय किसानों ने बताया कि यह ओलावृष्टि सुंदरबनी के सीमित क्षेत्र में होने से किसानों की फसलों को होने वाला बड़ा नुकसान नहीं हुआ, क्योंकि सुंदरबनी के साथ लगती पंचायत भजवाल सहित मैंगो विलेज के नाम से प्रसिद्ध पैली एवं ठंडा पानी तथा अन्य जो नहरी क्षेत्र हैं। वहां पर ओलावृष्टि नहीं होने से किसानों के लिए यह ओलावृष्टि राहत भरी रही।
हालांकि पतराडा पंचायत एवं इसके आसपास के थोड़े से सीमित क्षेत्र में ही यह भारी ओलावृष्टि हुई, जिससे कोई जान या बड़ी फसल का नुकसान नहीं हुआ है। हालांकि यह ओलावृष्टि बहुत ज्यादा देर तक नहीं रही। केवल 5 से 10 मिनट तक ही इस तरह की ओलावृष्टि हुई, जिससे लोगों में दहशत का माहौल पैदा हुआ। स्थानीय सुरेश शर्मा, अजय कुमार एवं मोहम्मद सादिक ने बताया कि उस समय वह घरों ही थे। जब इस तरह की ओलावृष्टि हुई ओलावृष्टि को देखकर ऐसा लग रहा था कि यदि कोई व्यक्ति दो मिनट भी खुले आसमान के नीचे खड़ा हुआ तो वह बुरी तरह से घायल हो जाएगा या दम तोड़ देगा।