लोकसभा चुनावों में नेशनल कांफ्रेंस की करारी हार के बाद मुख्यमंत्री द्वारा शुरू किए सुधार कार्यक्रमों के बीच जम्मू कश्मीर के करीब 40 लाख प्रीपेड मोबाइल उपभोक्ताओं को साढ़े तीन साल बाद राहत मिली है।
हार के कारण जानने के लिए इंटरनेट पर इमेल के जरिए लोगों से फीड बैक के बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जम्मू कश्मीर में प्रीपेड मोबाइल एसएमएस पर प्रतिबंध हटाने का फैसला लिया है।
उमर ने ट्विटर पर लिखा, ‘मेल पर लोगों की प्रतिक्रियाओं के आधार पर किए जा रहे सुधारात्मक उपायों के तहत एसएमएस प्रतिबंध हटाने के मैंने आदेश दे दिए हैं।’