रियासत में आगामी पहली जून से ड्रग्स पालिसी को अमल में लाने की तैयारियां तेज की गई हैं। राज्य में पहली बार लाई जा रही इस पालिसी में सरकारी चिकित्सा केंद्रों पर मरीजों को नि:शुल्क दवाइयां मुहैया करवाई जाएंगी।
अस्पताल प्रशासनों से दवाओं की मांग के मुताबिक जेएंडके मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन लिमिटेड की ओर से दवाओं की खरीद का काम शुरू किया गया है। कारपोरेशन इन दवाओं को खरीदकर अस्पतालों तक पहुंचाएगी। कारपोरेशन के एमडी डा. यशपाल शर्मा के अनुसार निर्धारित तिथि से पालिसी को शुरू करने की सभी तैयारियां पूरी की जा रही हैं।
नि:शुल्क ड्रग्स पालिसी से मरीजों की जेब पर चिकित्सा की राशि का बोझ कम होगा। पालिसी में इंडोर और आउटडोर मरीजों को सब सेंटर पर 23, प्राइमरी हेल्थ सेंटर पर 53, उपजिला अस्पताल/कम्युनिटी हेल्थ सेंटर/जिला अस्पतालों में 68 किस्म की जरूरी दवाइयां मुहैया करवाई जाएंगी।
सरकारी चिकित्सा केंद्रों में ये दवाएं हर समय उपलब्ध रहेंगी। इसके लिए डाक्टरों को अस्पतालों में उपलब्ध दवाओं को मरीजों की पर्ची पर लिखने पर जोर दिया गया है। अस्पतालों में मरीजों तक ऐसी दवाओं की पूरी जानकारी मुहैया करवाई जाएगी।
इससे पूर्व सेंशल मेडिसन आफ इंडिया 2011 की राष्ट्रीय सूची से जरूरी दवाओं को लेकर वर्ष 2012 से ड्रग्स पालिसी पर काम करना शुरू किया गया था, लेकिन राज्य में दवाओं की खरीद के लिए कोई तंत्र विकसित नहीं था।
कारपोरेशन के स्थापित होने के साथ ही ड्रग्स पालिसी को अमल में लाया गया है। अस्पतालों में जरूरी दवाओं की सूची प्रकाशित की जाएगी। सरकार ने ड्रग्स पालिसी के लिए वर्ष 2013 में शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंस, सौरा के पहले निदेशक और टास्क फोर्स के संयोजक डा. अजीत के नागपाल की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया था।