राजोरी के स्कूल में सामान राख
राजोरी जिले के डूंगी, ग्राती, भंगाई, ततापानी, कालाकोट, धनौर जंगलों में शनिवार रात को आग लग गई। इलाके सारी रात दहकते रहे। फारेस्ट प्रोटेक्शन फोर्स के असिस्टेंट डायरेक्टर मासूद अहमद के अनुसार, सूचना मिलते ही दमकल विभाग, फारेस्ट प्रोटेक्शन फोर्स, वन विभाग के कर्मचारी आग पर काबू पाने की कोशिश में जुट गए और रविवार शाम स्थिति पर काबू पा लिया गया। जंगल की आग डूंगी ब्लॉक के झलास क्षेत्र में स्थित सरकारी हाई स्कूल तक पहुंच गई।
स्कूल के शेड को चपेट में ले लिया। दमकल कर्मचारियों के पहुंचने तक शेड में रखा मध्याह्न भोजन का राशन और कुछ अन्य सामान आग की भेंट चढ़ गया। शिक्षा विभाग की टीम स्कूल में हुए नुकसान का सोमवार को आकलन करेगी।
रियासी में सलाल डैम जाने वाली रोड के किनारे जंगल सुलगे
रियासी जिले के बिडड़ा गांव से सलाल डैम की तरफ जाने वाली मुख्य सड़क मार्ग के पास बने जंगलों में शनिवार शाम आग लगने से बड़े पैमाने पर वन संपदा को नुकसान पहुंचा है। आग पर रात को काबू पाया जा सका। इस स्थान पर आग लगाने के लिए विभाग ने दो लोगों की पहचान की है। वहीं माड़ी गांव के भी जंगल में भी आग लगने की घटना हुई, जिस पर काबू पा लिया गया।
रविवार को वन विभाग की तरफ से लाउड स्पीकर के जरिये गांव-गांव जाकर लोगों को जंगलों में आग नहीं लगाने की चेतावनी दी गई है। ऐसा न करने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
पुंछ में सीमापार से पहुंची आग
पुंछ जिले के सलोत्री इलाके में नियंत्रण रेखा पर पिछले कई दिनों से जंगल सुलग रहे हैं। इस आग की चपेट में माइनिंग वाला इलाका भी आ चुका है। बारूदी सुरंगों के धमाके रह-रह कर सुनाई दे रहे हैं। यहां आग सीमा पार से इस तरफ आई है।
यात्रा पर कोई असर नहीं
अर्धकुंवारी क्षेत्र के लंबी केरी स्थान पर शनिवार रात करीब 12 बजे संदिग्ध परिस्थितियों में आग भड़क उठी। करीब 200 से 300 मीटर क्षेत्र में वन संपदा को नुकसान पहुंचा है। हालांकि इसका यात्रा पर कोई असर नहीं पड़ा। यात्रा सुचारू रूप से जारी रही।