कश्मीर के हालात फिर बिगड़ गए हैं। गुरुवार को रामबन के गूल इलाके में बीएसएफ के कैंप पर हमला करने वाली उग्र भीड़ पर काबू पाने की कोशिश में सुरक्षा बलों द्वारा की गई फायरिंग में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई जबकि दोनों पक्षों के पचास से अधिक लोग जख्मी हैं।
हालांकि अपुष्ट सूत्र मृतकों की संख्या छह बता रहे हैं। रामबन में कर्फ्यू लगा दिया गया है। घटना की दांडिक जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
गंभीर रूप से घायल 14 लोगों को चॉपर से जम्मू लाया जा चुका है। कुछ और घायलों को भी लाया जा सकता है। रामबन में हिंसा के चलते जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे बंद कर दिया गया है।
अमरनाथ यात्रा बीच में रोकी गई
सुबह अमरनाथ यात्रा पर निकले श्रद्घालुओं को बीच में ही रोक लिया गया। इसी तरह बाबा बर्फानी के दर्शन कर लौट रहे भक्तों को भी काजीगुंड में रोक दिया गया। फायरिंग के विरोध में पूरी घाटी में विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला शुरू हो गया जो लगातार जारी है।
रामबन में नए डीसी की नियुक्ति
मौके पर पुलिस को फायरिंग का आदेश देने वाले डीसी रामबन आईएएस श्याम विनोद मीणा को तत्काल प्रभाव से हटाकर उनके स्थान पर केएएस मोहम्मद हुसैन मलिक को नया डीसी नियुक्त किया गया है।
इंटरनेट सेवा अगले आदेश तक के लिए बंद
कश्मीर घाटी में स्थिति तनावपूर्ण होने के कारण मोबाइल और डोंगल से संचालित होने वाली इंटरनेट सेवा अगले आदेश तक के लिए ठप कर दी गई।
उमर अब्दुल्ला ने की घटना की निंदा
मौके पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने घटना को निंदनीय बताते हुए कहा कि इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि दोषी लोगों को सख्त सजा दी जाएगी। मुख्यमंत्री के आदेश पर एक उच्च स्तरीय टीम घटनास्थल पर डेरा डाले हुए हैं। इसमें राजस्व मंत्री एजाज अहमद खान, गृह राज्यमंत्री सज्जाद अहमद किचलू, डीजीपी, डिवीजनल कमिश्नर जम्मू, आईजी जम्मू शामिल हैं।
मजबूर होकर जवानों को चलानी पड़ी गोली
आईजी बीएसएफ राजीव कृष्ण ने बताया कि घटना के समय लगभग एक हजार लोगों की उपद्रवी भीड़ हिंसा पर आमादा थी। बीएसएफ के जवानों को आत्मरक्षा में मजबूर होकर गोली चलानी पड़ी।
बवाल के पीछे की कहानी
बताया गया है कि बीती रात गूल के शारडी इलाके में स्थित कैंप के पास बीएसएफ जवानों ने एक युवक को संदिग्ध हालत में पकड़ा। मदरसा संचालक अब्दुल लतीफ ने इसकी जानकारी लोगों को दी। रात के समय ही कुछ लोग कैंप पहुंचे। उन्हें समझाकर वापस भेज दिया गया।
बीएसएफ ने मामला तनावपूर्ण देख स्थानीय पुलिस प्रशासन को सूचित कर दिया। वीरवार को रोजे की सेहरी के बाद सुबह लगभग साढ़े छह बजे पांच हजार से ज्यादा लोग कैंप के पास पहुंच गए। देखते ही देखते लोगों ने कैंप पर पथराव शुरू कर दिया।
तब तक पुलिस और प्रशासन के आला अफसर मौके पर पहुंच चुके थे। पुलिसकर्मियों और सुरक्षा बलों ने पहले तो लोगों खदेड़ दिया। लेकिन घटना की जानकारी मिलते ही गुल, संगलदान, टठारका, डोडा, रामबन से भी लोग जमा हो गए।
सुबह लगभग 11 बजे एकबार फिर ये लोग उत्तेजित भीड़ की शक्ल में कैंप की ओर बढ़ने लगे। लोगों के पथराव करने पर पुलिस ने उन्हें खदेड़ना शुरू किया। कहा जा रहा है कि इसी दौरान भीड़ से चली गोली से बीएसएफ का एक जवान घायल हो गया। इस पर सुरक्षा बलों ने भी गोली चला दी।
इसमें गुल हायर सेकेंडरी स्कूल के लेक्चरर मंजूर अहमद की मौके पर ही मौत हो गई। इस पर भीड़ और भड़क उठी। इस दौरान चली गोली में भीमडासा निवासी बिट्टा मन्हास, मदरसा संचालक अब्दुल मजीद और संगलदान निवासी फारूक अहमद की मौत हो गई।
इस दौरान मची भगदड़ में दर्जनों लोग जख्मी हो गए। उन्हें तत्काल रामबन जिला अस्पताल पहुंचाया गया।