दक्षिणी कश्मीर के शोपियां जिले में सोमवार को दूसरे दिन भी कर्फ्यू जारी रहा।
इससे पहले जुबिन मेहता के संगीत कार्यक्रम से कुछ घंटे पहले शोपियां में सीआरपीएफ कैंप पर हमले के दौरान चार युवकों की मौत पर घाटी में भारी तनाव फैल गया। शोपियां और कुलगाम जिलों में कर्फ्यू लगा दिया गया।
रविवार को शोपियां में कर्फ्यू के दौरान गुस्साए लोग सड़क पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन किया। आगजनी कर बवाल कर रहे लोगों को काबू करने के लिए सीआरपीएफ ने हवाई फायरिंग की।
भारी तनाव को देखते हुए पुलिस अधिकारी शोपियां में कैंप कर रहे हैं। इस बीच अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी, यासीन मलिक समेत कई लीडरों को नजरबंद किया गया है।
घटना पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सैफुद्दीन सोज, पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती और हुर्रियत नेताओं ने रोष जताया है।
शनिवार को श्रीनगर से 52 किलोमीटर दूर शोपियां जिले के गगरान इलाके में सीआरपीएफ की 14वीं बटालियन के कैंप पर हमला हुआ था। फायरिंग के दौरान चार लोगों की मौत हुई थी।
स्थानीय युवकों की मौत के बाद शोपियां और कुलगाम में हिंसा हुई। रविवार को शोपियां और कुलगाम में कर्फ्यू लगा रहा। सुबह मारे गए युवकों के घरवालों के साथ स्थानीय लोगों ने फिर से प्रदर्शन शुरू कर दिया। सीआरपीएफ और पुलिस के जवानों के टकराव के बाद फायरिंग हुई।
जवानों ने हवा में गोलियां चलाकर लोगों को भगाया। अधिकारियों ने किसी तरह मामला शांत किया लेकिन क्षेत्र में भारी तनाव है। दोनों जिलों में अतिरिक्त फोर्स भेजी गई है। मारे गए युवकों की पहचान मोहम्मद यूसुफ, तौसिफ (निवासी शोपियां) और तारिक निवासी (कुलगाम) के रूप में हुई है।
सीआरपीएफ अफसरों का कहना है कि तौसिफ के पास मिला मोबाइल लश्कर के आतंकियों ने इस्तेमाल किया था। रविवार को शोपिया के जइनपुरा में भी छिटपुट हिंसा हुई लेकिन उसे काबू में कर लिया गया। इस बीच श्रीनगर के माईसोमा इलाके में भी हंगामे की सूचना है।