आतंकियों को आर्थिक मदद के लिए पाकिस्तान ने नकली करंसी सप्लाई करने की रणनीति बदल दी है। अब नए रूट बांग्लादेश के रास्ते जम्मू-कश्मीर में नकली नोट पहुंचाए जा रहे हैं।
पहले जम्मू कश्मीर में भारत-पाक सीमा से ही घुसपैठिए और मादक पदार्थों के तस्कर राज्य में नकली करंसी लाते थे। सीमा पर दबाव पर तारबंदी के कारण तस्करी में कमी आई है और पाकिस्तान ने नए रूट तलाशने शुरू कर दिए हैं।
नेपाल के रास्ते भी पूर्व आतंकी जम्मू पहुंच रहे हैं। इनके साथ ही कुछ नकली करंसी की खेप आई है।
जम्मू रेलवे स्टेशन से सात लाख रुपये नकली करंसी समेत पकड़े गए दो व्यक्तियों राउफ अहमद और तनवीर अहमद गनई से पूछताछ में पाक की नई साजिश का खुलासा हुआ।
बांग्लादेश सीमा से इस करंसी को कोलकाता तक लाया गया। जहां करंसी देश के कई हिस्सों में सप्लाई की गई। सात लाख रुपये को खपाने के लिए जम्मू कश्मीर राज्य आसान केंद्र था।
आतंकवादग्रस्त दूरदराज क्षेत्रों में आतंकी धमकी देकर भी नकली करंसी चला रहे हैं। पहले राजोरी, पुंछ और घाटी के रास्ते नकली करंसी को देश के अन्य भागों में भी पहुंचाया जाता रहा है। ऐसा पहली बार हुआ है जब बांग्लादेश के रास्ते जम्मू कश्मीर में नकली करंसी पहुंची हो।