राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सर कार्यवाह डॉ. मनमोहन वैद्य ने जम्मू संभाग में भाजपा मंत्रियों की ओर कार्यकर्ताओं की उपेक्षा पर गंभीर रुख अख्तियार किया है। मंत्रियों को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि उनकी कार्यशैली नहीं बदली तो चेहरे बदलने में देर नहीं लगेगी। वह अपनी कार्यशैली में तत्काल बदलाव कर कार्यकर्ताओं की नाराजगी को दूर करें।
राज्य के दो दिवसीय दौरे पर आए वैद्य ने संघ नेताओं से सरकार तथा मंत्रियों की कार्यप्रणाली के मिले फीडबैक के आधार पर शनिवार को प्रदेश संघ मुख्यालय वेद मंदिर में भाजपा मंत्रियों, विधायकों तथा संगठन पदाधिकारियों को तलब किया था। इनसे अलग-अलग तीन चरणों में बात कर राज्य के हालात तथा राजनीतिक परिदृश्य की जानकारी ली।
सूत्रों के अनुसार मंत्रियों की कार्यशैली पर वैद्य ने असंतोष जताया। अपनी नाराजगी प्रकट करते हुए कहा कि कार्यकर्ता जिनकी बदौलत जम्मू-कश्मीर में भाजपा सत्ता में आई है, वह सरकार में शामिल पार्टी के मंत्रियों के कामकाज के तरीके से नाराज है। तमाम मंत्री कार्यकर्ता के फोन नहीं उठाते। कार्यकर्ताओं की समस्याएं तक हल नहीं की जाती है। जम्मू संभाग में विभिन्न मुद्दों पर भाजपा के मंत्रियों का रवैया हैरान करने वाला रहा है। ऐसा अब नहीं चलेगा। सरकार में सख्ती से भाजपा का पक्ष रखना होगा और इन सभी मुद्दों का हल करवाना होगा। रोहिंग्या का मुद्दा जम्मू के लिए काफी अहम है। इस पर नरमी न बरती जाए।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सत शर्मा व संगठन के अन्य नेताओं के अलावा उपमुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह, पीएचई मंत्री शाम चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री बाली भगत, वन मंत्री चौधरी लाल सिंह, पशु पालन मंत्री अब्दुल गनी कोहली, वित्त राज्य मंत्री अजय नंदा, शिक्षा राज्य मंत्री प्रिया सेठी ने उनसे मुलाकात की।