27 दिनों के लंबे अंतराल के बाद आखिरकार लाइन आफ कंट्रोल पर फंसे 75 ड्राइवरों को रिहा तो कर दिया गया, लेकिन दोनों ओर के कश्मीर के बीच संबंध सुदृढ़ करने के उद्देश्य से शुरू किए गए ट्रांस एलओसी कारोबार के आरंभ होने पर अभी तक संशय बरकरार है।
हालांकि भारत और पाकिस्तान कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) की अथारिटी ने कारोबार शुरू करने के संबंध में अभी तक कोई फैसला नहीं लिया है, लेकिन व्यापारी स्वयं भी ट्रेड शुरू करने के पक्ष में नहीं नजर आ रहे।
ज्वाइंट चैंबर आफ एलओसी ट्रेडर्स (उड़ी) के प्रेसीडेंट तारिक खान ने कहा कि एलओसी ट्रेड शुरू होने के संबंध में अभी कोई फैसला नहीं हो पाया है। व्यापारी चाहते हैं कि पहले दोनों ओर की अथारिटी के बीच इस संबंध में कोई ठोस फैसला हो, तभी वे कारोबार शुरू करेंगे। क्योंकि कभी भी बदले की कार्रवाई हो सकती है।
उल्लेखनीय है कि पीओके से बादाम का ट्रक लेकर आए ड्राइवर को कस्टम ने ब्राउन शुगर के साथ गिरफ्तार किया था। इसके बाद पीओके ने न सिर्फ माल लेकर जम्मू-कश्मीर गए अपने 48 ट्रक ड्राइवरों को वापस लेने से इंकार कर दिया, बल्कि भारत से माल लेकर आए 27 ड्राइवरों को भी पीओके में रोक लिया था।
हालांकि पीओके लंबे समय तक गिरफ्तार ड्राइवर की वापसी की मांग करता रहा, लेकिन भारत ने बिना कानूनी प्रक्रिया के ड्राइवर को लौटने में असमर्थता जताई। इसके बाद पीओके ने ड्राइवर की वापसी की बात मान ली थी। 17 जनवरी से ही उड़ी के अलावा पुंछ स्थित चक्का दा बाग से ट्रांस एलओसी ट्रेड नहीं हो रहा है।