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Jammu and Kashmir: फसल बीमा योजना पूरे प्रदेश में लागू, सेब, केसर, आम और लीची भी शामिल

Wed, 06 Jul 2022 11:19 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

उप राज्यपाल प्रशासन ने फसल बीमा योजना को पूरे प्रदेश में लागू कर दिया है। जिसके बाद अब कृषि समेत बागवानी की मुख्य फसलों पर बीमा कवर लिया जा सकेगा। अब तक यह योजना जम्मू, सांबा, उधमपुर और अनंतनाग में कृषि फसलों तक सीमित थी।
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फसल बीमा योजना पूरे प्रदेश में लागू, सेब, केसर, आम और लीची भी शामिल - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर में मौसम की मार से प्रभावित रहने वाले किसानों के लिए राहत भरी खबर है। उप राज्यपाल प्रशासन ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाई) और रिस्ट्रक्चर्ड वेदर बेस्ड क्रॉप इंश्योरेंस स्कीम (आरडब्ल्यूबीसीआईएस) को पूरे प्रदेश में लागू कर दिया है। खास बात है कि अब तक यह योजना जम्मू, सांबा, उधमपुर और अनंतनाग में कृषि फसलों तक सीमित थी। अब कृषि समेत बागवानी की मुख्य फसलों पर भी बीमा कवर लिया जा सकेगा।

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मंगलवार को स्टेट लेवल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑन क्रॉप इंश्योरेंस ने दोनों योजनाओं को जम्मू-कश्मीर में लागू करने को मंजूरी दे दी। कमेटी की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता ने कहा कि प्रदेश के किसानों और बागवानों को अब विपरीत मौसम और आंधी से होने वाले आर्थिक नुकसान का बीमा कवर दिया जाएगा। इन योजनाओं के तहत कृषि में धान, मक्का, तिलहन गेहूं, केसर और बागवानी में सेब, आम और लीची फसलों को शामिल किया गया है। समिति की बैठक में योजनाओं के क्रियान्वयन के तरीके का प्रस्तुतिकरण दिया गया। इसमें योजना को लागू करने की प्रक्रिया निर्धारित की गई और इसे स्वीकृत कर तत्काल प्रभाव से प्रदेश के किसानों को समर्पित कर दिया।

केसर और सेब उत्पादन में विश्वविख्यात है प्रदेश
जम्मू-कश्मीर केसर और सेब उत्पादन में विश्वविख्यात प्रदेश है। इन दो उच्च मूल्य वाली फसलों को बीमा कवर देने से लाखों किसानों और बागवानों को लाभ पहुंचेगा। वहीं, कंडी और मैदानी इलाकों में लीची व आम की फसल से जुड़े बागवान भी बीमा कवर मिलने से चिंतामुक्त हो सकेंगे। 
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बाधाएं दूर होंगी
फसल बीमा से जुड़ीं दोनों योजनाएं लागू करते समय उन अनियमितताओं को भी दूर किया जाएगा, जिसके चलते पहले से लागू योजनाओं पर अमल में बाधाएं आ रही थीं। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि योजनाओं के मुख्य हितधारक किसान हैं। उन तक योजना का पूरा लाभ पहुंचे, इसकी व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।

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