बावे वाली माता के दर्शन करने जा रही श्रद्धालुओं से भरी मिनी बस बीच सड़क पर पलट गई। इससे एक बच्चे और महिला की मौत हो गई, जबकि 10 महिलाओं और दो बच्चे घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए जीएमसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सुबह साढ़े चार बजे से पांच बजे के बीच हुए इस हादसे में सब एक ही गांव के लोग शामिल थे। दुर्घटना के बाद मिनी बस चालक मौके से फरार हो गया। घायलों में कुछ की हालत गंभीर है।
मरने वालों में एक नौ साल का बच्चा तीर्थ राम शामिल है, जिसकी घटना स्थल पर ही मौत हो गई थी, जबकि कमलेश देवी की मौत अस्पताल में दोपहर को करीब 3 बजे उपचार के दौरान हुई। बताया जाता है कि गांव सारन के लोग सुबह साढ़े चार बजे एक मिनी बस में सवार होकर चले।
इसमें करीब 25 यात्री थे। मिनी बस की रफ्तार काफी तेज थी। गांव से एक किलोमीटर दूर पहुंचते ही दरेंक बोर्ड के पास बस सड़क पर पलट गई। इसके बाद चीखपुकार मच गई। तड़के ही हादसा होने की वजह से स्थानीय लोगों को पहुंचने में भी वक्त लगा। इसके बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। मिनी बस में दस के करीब पुरुष यात्री भी थे। वह किसी तरह से बच गए।
भाई की मौत, बहनें मौत की जंग लड़ रहीं
- फोटो : Amar Ujala
हादसे में मारा गया तीर्थ राम अपनी दो बहनों सुधा और शालिनी के साथ बावे मंदिर में दर्शन करने के लिए जा रहा था। बस में तीनों एक साथ बैठे थे। बस पलटने पर वह एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े। इसमें तीर्थ बुरी तरह से दब गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं सुधा और शालिनी बुरी तरह से घायल हो गए। दोनों की हालत गंभीर है। उनके शरीर और सिर पर गहरी चोटें आई हैं।
तेज रफ्तार से चला रहा था चालक
अस्पताल में घायल होकर आने वाले लोगों में कांता देवी ने हादसे की पूरी जानकारी दी। उनका कहना है कि गांव में हर साल बावेे मंदिर जाने के लिए नि:शुल्क मिनी बस सेवा होती है। कुछ संस्थाएं ऐसा करती हैं। बस चालक बहुत तेज चल रहा था। उसे बार-बार कहा जा रहा था कि धीरे चले, लेकिन अंधेरे में कुछ पता ही नहीं चला कि कब मिनी बस पलट गई।
घायलों के नाम
सत्या देवी, नितिका देवी, कांता देवी, बिशनो देवी, सुधा, नीशा, शालिनी, बेबी, पूजा रानी, रमन, राहुल शामिल हैं।