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महंगे तोहफे देने के लिए क्रिकेटर बना लुटेरा!

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उम्र : 25। शौक : मोहब्बत। पेशा : लूट। नतीजा : हवालात। जी हां, यह हकीकत है जम्मू के एक भटके हुए होनहार खिलाड़ी की।
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अपनी गेंदों में बल्लेबाजों को उलझाने में माहिर नितिन मेहरा मोहब्बत के भंवर में ऐसा उलझा कि दुस्साहसी लुटेरा बन गया। अच्छी आमदनी वाले पॉश घरों में घुसकर नकली पिस्तॉल से असली सोना लूटने के इस आरोपी ने पिछले चार महीनों में एक के बाद एक लूट की चार बड़ी वारदातों को अंजाम दिया।

पुलिस ने पहले तो इन वारदातों को बहुत गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन जब सीरियल लूटों से शहर में दहशत फैलने लगी तो पुलिस भी मुस्तैदी से लुटेरे की तलाश में लग गई।
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पठानकोट में पकड़ा गया

आखिरी लूट के अगले ही दिन तो वह क्रिकेट खेलने मैदान में भी पहुंचा और पुलिस को चकमा देकर भाग भी निकला। आखिर पुलिस ने नितिन को पठानकोट से पकड़ ही लिया।

नितिन अंडर 19 और अंडर 22 क्रिकेट टूर्नामेंट में जम्मू कश्मीर की नुमाइंदगी कर चुका है। रणजी टीम में भी उसके चुने जाने की उम्मीद थी।

नितिन ने शुरूआती पूछताछ में पुलिस को जो कुछ बताया उससे तो यही लगता है कि बीएड में पढ़ने वाली प्रेमिका को महंगे तोहफे देने के जुनून ने उसे लुटेरा बना दिया। हालांकि पुलिस अभी यह नहीं बता सकी है कि लूट की वारदातों को अंजाम देने के बाद उसने महबूबा के लिए क्या-क्या तोहफे खरीदे। नितिन के पिता एसआरटीसी में मुलाजिम हैं।

शहर में 4 घटनाओ को दिया अंजाम

एसएसपी जम्मू एके गोयल ने पत्रकारों को बताया कि पठानकोट से पकड़े गए नितिन मेहरा निवासी तालाब तिल्लो ने ही शहर में प्रोफेसर, वकील और डाक्टर के घर में घुसकर लूट की वारदातें की हैं।

उससे एक बजाज स्कूटर, प्रोफेसर उप्पल के घर से लूटे गहने, नकली पिस्तौल और नकदी भी बरामद की गई। गोयल के अनुसार पुलिस ने प्रोफेसर उप्पल के घर से सीसीटीवी फुटेज हासिल किए।

शहर में ऐसी चार घटनाएं हुईं। सभी घटनाओं में एक ही युवक दिखाई दे रहा था।
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कैसे हुआ शक

सबसे पहले इसने 16 जनवरी को सुनील महाजन के घर महाजन की पत्नी और बच्चों को नकली बंदूक दिखाकर जेवरात और नकदी लूट ली।

इसके बाद सात फरवरी को वरिष्ठ एडवोकेट एसएस लहर के घर से मुंह पर कपड़ा बांधकर नकली बंदूक दिखाकर डेढ़ लाख रुपये लूट लिए। सामने ही दुकान पर सीसीटीवी कैमरा लगा था, जो काफी पुराना था। इसकी तस्वीरें साफ नहीं आ रही थीं लेकिन पुलिस को एक स्कूटर पर जैकेट पहने युवक पर शक हुआ।

स्कूटर का नंबर पुलिस नहीं पढ़ पाई। सात अप्रैल को सुविधा नर्सिंग होम में डा. अमिता अपनी बहू और सास के साथ बैठी थीं, तो एक लुटेरा आया और बंदूक दिखाकर लूट का प्रयास करने लगा। डा. अमिता ने तुरंत कमरे से बाहर आ कर शोर मचाया। कर्मचारियों ने दरवाजा बंद करके उसे पकड़ने की कोशिश की लेकिन वह फरार होने में कामयाब रहा।

नर्सिंग होम में कैमरा लगाए जाने का काम जारी था। गेट पर लगे एक कैमरे में मुंह ढका हुआ और खुले कपड़े पहने एक युवक को स्कूटर से उतरते देखा गया। इस घटना के बाद भी पुलिस को लुटेरे का चेहरा नहीं दिखा।

दो दिन पहले 10 मई को लुटेरा प्रोफेसर सुनील उप्पल के घर पहुंचा और खिलोना बंदूक के दम पर लूट लिया। इस मामले में फुटेज के अलावा लुटेरे की डम्मी गन, रबड स्लीपर, जैकेट के टुकड़े को बरामद किया गया। आखिरकार आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ ही गया।
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