प्रदेश कांग्रेस मिशन 2014 के तहत अपने गढ़ विशेषकर जम्मू डिवीजन को मजबूत करने में जुट गई है।
प्रदेश कांग्रेस के नेता, विधायक, मंत्री और विधान परिषद सदस्यों ने अपने क्षेत्रों के दौरे तेज कर दिए हैं।
संसद का सत्रावसान होने के बाद डिवीजन के दोनों लोकसभा क्षेत्रों के सांसद मदन लाल शर्मा और चौधरी लाल सिंह भी जनता के बीच पहुंच हैं।
इस परिदृश्य के बीच शनिवार को प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष प्रो. सैफुद्दीन सोज जम्मू में संगठनात्मक गतिविधियों का जायजा लेने और सियासी रणनीति को धार देने के लिए पहुंच रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के लिए अभी से लक्ष्य निर्धारित कर लिया है। लक्ष्य पच्चीस से अधिक सीटें हासिल कर कांग्रेसी मुख्यमंत्री बनाने का है।
पार्टी नेता 2002 विधानसभा चुनाव से बेहतर प्रदर्शन की रणनीति को लेकर जनता के बीच जा रहे हैं।
कांग्रेस को मालूम है कि रियासती सत्ता में बरकरार रहने के लिए उसके पास जम्मू डिवीजन के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं। सत्ता में बने रहने की कांग्रेसी कुंजी सिर्फ जम्मू है।
2002 और इसके बाद 2008 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को जम्मू ने ही सत्ता का दरवाजा दिखाया।
अब कांग्रेस ने खोए हुए जनाधार वाले विधानसभा क्षेत्रों, खासकर भाजपा और नेकां द्वारा छिनी गई सीटों पर दोबारा कब्जा जमाने की मुहिम शुरू कर दी है।
इन विधानसभा क्षेत्रों में बनी, बसोहली, कठुआ, नोशेरा, हीरानगर, आरएस पुरा, रियासी, रायपुर दोमाना और जम्मू वेस्ट शामिल हैं।