कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस अगामी लोकसभा चुनाव मिलकर लड़ सकते हैं। केंद्रीय मंत्री फारूक अब्दुल्ला ने इसके संकेत दिए हैं।
इससे पहले केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद और रियासत कांग्रेस के अध्यक्ष सैफुद्दीन सोज सारे विकल्प खुले होने की बात कहते रहे हैं।
हांलाकि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बार-बार यूपीए में बने रहने का ऐलान किया है। वह एनडीए से किसी कीमत पर गठबंधन से इनकार भी करते रहे हैं।
उमर की नगरोटा रैली में कांग्रेस नेताओं के मंचासीन होने के बाद से दोनों दलों में चुनावी गठबंधन के संकेत मिले थे। उमर की सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद अब चुनाव पूर्व गठबंधन तय माना जाने लगा है।
चुनाव पूर्व गठबंधन के लिए नेकां पहल कर चुकी है। नेकां ने कश्मीर की तीन सीटों श्रीनगर, उत्तरी कश्मीर और दक्षिणी कश्मीर से उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है।
नेकां ने कांग्रेस के लिए जम्मू की दो सीटों और लद्दाख की एक सीट छोड़ रखी है। कांग्रेस की ओर से चुनाव पूर्व गठबंधन पर अभी कोई अधिकृत टिप्पणी नहीं आई है।