जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर बैटरी चश्मा (रामसू) के पास एक मिनी बस के गहरी खाई में गिरने से 13 यात्रियों की मौत हो गई। हादसे में 34 अन्य यात्री जख्मी हैं। आठ यात्रियों की मौके पर मौत हो गई। घायलों को रामबन के जिला अस्पताल में भर्ती कराया है।
आठ घायलों की हालत गंभीर होने के चलते उन्हें चापर से जीएमसी, अस्पताल जम्मू रेफर कर दिया। इनमें से एक घायल ने रास्ते में और एक अन्य ने जीएमसी, अस्पताल जम्मू में दम तोड़ दिया।
बनिहाल से रामबन जा रही बस अचानक अनियंत्रित होकर 600-700 फुट गहरी खाई में जा गिरी। हाईवे से गुजर रहे अन्य वाहनों में सवार लोगों ने हादसे की पुलिस को सूचना दी। पुलिस और कुछ लोगों ने घायलों को खाई से निकाला।
मुख्यमंत्री ने जताया शोक
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने दुर्घटना पर गहरा शोक जताया है। साथ ही मृतक के परिवार वालों को एक-एक लाख और घायलों को 10-10 हजार रुपये देने की आर्थिक सहायता की घोषणा की है।
दोपहर लगभग सवा तीन बजे बनिहाल बस स्टैंड से मिनी बस रामबन की ओर जा रही थी। ओवरलोड बस बैटरी चश्मा के पास अचानक अनियंत्रित हुई और सीधे गहरी खाई में समा गई। आठ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। तीन यात्रियों ने रामबन अस्पताल में दम तोड़ा।
मृतकों में ज्यादातर यात्री कश्मीर घाटी जिनमें से पांच बांडीपोरा के बताए जा रहे हैं। बताया जाता है कि बनिहाल तक ट्रेन से पहुंचने के बाद यह लोग मिनी बस से रामबन के लिए रवाना हुए थे।
हादसे में मारे गए लोग
हादसे में मारे गए यात्रियों की पहचान गुलाम हसन वानी (गांदरबल), मेहराजदीन सोहराब (श्रीनगर) के रूप में हुई है।
इसके अलावा मौलवी फारूक अहमद (सलोड़ा गांदरबल), मो. अशरफ (कुलगाम), इश्तियाक अहमद (बटमालू, श्रीनगर), गुलाम अहमद (गांदरबल), शब्बीर अहमद (डिगडोल, रामबन), बशीर अहमद (तंगवाघ, श्रीनगर), फारूक अहमद (बड़गाम), मोहम्मद अशरफ खान, रामबन (65) और इशफाक हुसैन (28), हाला (बनिहाल) हुई है।
वहीं इस हादसे में दो अन्य मृतकों की पहचान नहीं हो पाई है।