कश्मीर घाटी में हाउसबोट मालिकों और शिकारा वालों को प्रदेश सरकार ने बड़ी राहत दी है। उप राज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में हुई प्रशासनिक परिषद की बैठक में हाउसबोट और शिकारा की मरम्मत के लिए सस्ते दाम पर लकड़ी मुहैया करवाने के पर्यटन विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
वन विभाग रियायती लकड़ी मुहैया करवाएगा
प्रशासनिक परिषद के फैसले से पंजीकृत हाउसबोटों की मरम्मत के लिए 50 से 70 फीसदी या फिर 30 सीएफटी वन विभाग रियायती लकड़ी मुहैया करवाएगा। छह साल में एक बार रियायती दाम पर लकड़ी लाभार्थियों को मुहैया करवाए जाएगी।
15 सीएफटी लकड़ी रियायती दाम पर दी जाएगी
वहींहाउसबोट के र्निर्माण या मरम्मत के लिए एक मुश्त आधार पर 50 से लेकर 70 फीसदी या फिर 80 सीएफटी तक सस्ती लकड़ी मुहैया करवाए जाएगी। पंजीकृत टैक्सी शिकारा की मरम्मत के लिए 50 से लेकर 70 फीसदी या फिर 15 सीएफटी लकड़ी रियायती दाम पर दी जाएगी।
हाउसबोट मालिकों और शिकारा वालों की होगी पहचान
हर पांच साल में एक बार सस्ती लकड़ी टैक्सी शिकारा की मरम्मत के लिए मिलेगी। इस कवायद के तहत पर्यटन निदेशक कश्मीर हाउसबोट मालिकों और शिकारा वालों की पहचान करेंगे। बैठक में एलजी के सलाहकार राजीव राय भटनागर, मुख्य सचिव अरुण कुमार मेहता, प्रधान सचिव नितेश्वर कुमार भी मौजूद रहे।