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अनपढ़ कश्मीरी दादा का आईएएस टॉपर पोता

Mon, 30 May 2016 01:23 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
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- फोटो : Amar Ujala
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आतंकवाद से हमेशा सुर्खियों में रहे कश्मीर के अनंतनाग जिले के मट्टन के देवीपोरा निवासी 23 वर्षीय अतहर आमिर उल शफी खान ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा 2015 में दूसरी रैंक हासिल कर जम्मू-कश्मीर का नाम रोशन किया है।
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खान ने लगातार दूसरी बार इस परीक्षा में सफलता हासिल की है। पहली बार 2014 की सिविल सेवा में पहले प्रयास में ही 560वीं रैंक हासिलकी थी। इस सपने के पूरा होने पर अतहर कहते हैं कि उनकी प्राथमिकता जम्मू-कश्मीर में प्रशासनिक सेवाएं देना है।

इसके लिए उन्होंने जम्मू-कश्मीर कैडर का आवेदन किया है। यदि यह अवसर मिलता है तो उन्हें बेहद खुशी होगी। जम्मू-कश्मीर में प्रशासनिक स्तर पर बहुत कुछ किया जा सकता है। अतहर आमिर ने बताया कि उनके अनपढ़ दादा स्कूल जाकर टीचरों से उनकी प्रोग्रेस रिपोर्ट लिया करते थे। इस तरह दादा ही उनकी प्रेरणा बने और वह देश में दूसरा स्थान हासिल कर पाए।
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अतहर अभी इंडियन रेलवे इंस्टीट्यूट लखनऊ से प्रशिक्षण हासिल कर रहे हैं

Athar Aamir - फोटो : अतहर आमिर के फेसबुक से
श्रीनगर के टिंडेल बिस्को स्कूल से बारहवीं के बाद मंडी, हिमाचल प्रदेश से इंडियन इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलाजी (आईआईटी) से ग्रेजुएट होने पर अतहर ने आईएएस का सफर शुरू किया।

2009 में घाटी से टापर शाह फैजल से प्रेरित होकर अतहर ने 2014 में यूपीएससी में पहला प्रयास किया और उत्तीर्ण होने के साथ उन्हें इंडियन रेलवे ट्रैफिक सर्विस (आईआरटीएस) के लिए चुना गया। यूपीएससी की पहली लिखित परीक्षा में उन्होंने 2025 नंबरों में से 898 नंबर पाकर सफलता हासिल की थी।

अतहर कहते हैं कि फैजल से मुलाकात में उन्होंने आईएएस के लिए कई टिप्स दिए। इस मुकाम तक पहुंचने के लिए बेहतर कोचिंग के अलावा आत्मविश्वास और कड़ी मेहनत थी। अतहर के परिवार में एक छोटा भाई, दो बहनें और दादा, दादी हैं। अतहर अभी इंडियन रेलवे इंस्टीट्यूट आफ ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट, लखनऊ से प्रशिक्षण हासिल कर रहे हैं।
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