आसाराम पर आरोप लगाने वाले भोलानंद ने जम्मू से किसी लड़की या महिला को तैयार करके मीडिया के समक्ष आरोप लगाने की भी योजना तैयार की थी।
कुछ महिलाओं के नाम भी उसने सुझाए थे। भोलानंद को रुपये का लालच और मशहूर होने का प्रलोभन दिया गया था।
पुलिस के समक्ष दिए बयान में भोलानंद ने कहा कि आसाराम को फंसाया जा रहा है और वह भी प्रलोभन में आ गया था। जम्मू आश्रम में बच्चों को दफनाया नहीं गया है।
सूत्रों के अनुसार नवाबाद पुलिस थाने में पुलिस रिमांड पर हिरासत में लिए भोलानंद ने पूछताछ के दौरान बताया कि वह करीब तीन साल पहले ही जम्मू आश्रम से चला गया था।
पिछले साल ही उसने उनका साथ भी छोड़ दिया था और मुंबई में अलग से एक नया आश्रम बना लिया। मलाड में इस आश्रम में बनाए जाने के बाद से ही उसके साथ संपर्क किया जाने लगा।
संपर्क के दौरान ही मीडिया के कुछ लोगों ने भी इंटरव्यू देने के लिए कहा। इंटरव्यू के दौरान ही उसे कई प्रलोभन दिए गए। पुलिस के अनुसार इस इंटरव्यू की सीडी और रिकार्डिंग को पुलिस के समक्ष डा. राज कुमार चौधरी ने सौंपा।
कोर्ट ने इस पूरे मामले की जांच के आदेश दिए थे। इसी बीच, भोलानंद सितंबर से ही जम्मू में विक्रम के संपर्क में था। भोलानंद की बातचीत को उसने अपने मोबाइल फोन पर रिकार्ड कर ली।
अचानक इंटरव्यू के बाद यह आरोप लगे कि भगवती नगर स्थित आश्रम में तीन बच्चों को दफनाया गया है तो फोन रिकार्डिंग की सीडी तैयार करके कोर्ट में पेश की।
कोर्ट ने इस मामले की भी जांच के आदेश दिए। पुलिस ने प्राथमिक छानबीन के बाद भोलानंद के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया और भोलानंद की तलाश की जा रही थी।
पुलिस ने मुंबई पुलिस से भी संपर्क किया। लगातार दबाव बनाए जाने के बाद वह जम्मू में जमानत लेने के लिए पहुंचा तो पुलिस ने भोला को हिरासत में ले लिया।