राज्य सरकार आगामी दो साल के भीतर अस्सी हजार पदों पर नियुक्तियां करेगी। यह नियुक्तियां फास्ट ट्रैक सिस्टम से प्रमुख तौर पर एसएसआरबी और राज्य लोक सेवा आयोग के जरिये होंगी। एसएसआरबी में इस प्रक्रिया को यकीनी बनाने के लिए बाकायदा विशेष सलाहकार की नियुक्ति भी गई है।
यह नियुक्तियों राज्य सरकार द्वारा निर्धारित की गई नई भर्ती नीति के तहत ही होंगी। वीरवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायकों जीएम सरुड़ी और अशोक कुमार के प्रश्नों के बाद विभिन्न विधायकों द्वारा किए गए पूरक प्रश्नों के जवाब में वित्त मंत्री अब्दुल रहीम राथर ने यह खुलासा किया।
नई भर्ती नीति पर विधायकों द्वारा सवाल उठाए जाने पर वित्त मंत्री राथर ने स्पष्ट किया कि इसका मकसद अधिक लोगों को रोजगार के बेहतर अवसर मुहैया कराने के साथ राज्य के नान प्लान खर्चे पर बढ़ रहे आर्थिक बोझ को घटाना है।
राथर ने कहा कि लगातार वेतन भुगतान पर होने वाले खर्च में इजाफा हो रहा है। इसलिए नई भर्ती नीति के तहत स्थायी तौर पर नियुक्त होने वाले कर्मचारी को आगामी पांच साल तक निर्धारित वेतन ही मिलेगा। अलबत्ता ऐसे कर्मचारी को मेडिकल एलाउंस, टीए और लीव आदि सुविधाओं का नियमों के मुताबिक लाभ दिया जाएगा। इसके अलावा नई पेंशन स्कीम के तहत नये कर्मचारियों को पेंशन हासिल करने के लिए अपने वेतन में से योगदान भी देना पड़ेगा।
वित्त मंत्री ने सदन में बताया कि कैबिनेट में नई भर्ती नीति से संबंधित लिए गए फैसले के मुताबिक एक स्टैंडिंग कमेटी गठित की गई थी। इस कमेटी ने चतुर्थ, तृतीय और नान गजटेड श्रेणी पदों के लिए एक वेतन निर्धारित किया। ताकि वेतन पर होने वाले खर्च में इजाफे पर नियंत्रण के साथ नान प्लान खर्चे को कम किया जा सके।