जम्मू के रामबन हिंसा के बाद कश्मीर के बिगड़े हालातों के चलते शुक्रवार को
रोकी गई अमरनाथ यात्रा शनिवार को भी शुरू नहीं हो पाई। हिंसक घटनाओं और
कर्फ्यू ने भक्तों के अरमानों पर पानी फेर दिया।
बाबा बर्फानी के जो भक्त पहले ही नुनवन और बालटाल के आधार शिविरों में पहुंच चुके थे, उन्हें ही पवित्र गुफा तक जाने की इजाजत दी गई। हिमलिंग के दर्शन कर लौटने वाले भक्तों को भी आधार शिविरों में रोक लिया गया है।
बाबा बर्फानी के समय से पहले लुप्त होने से निराश भक्तों को पवित्र गुफा तक भी न पहुंच पाने से बेहद निराशा है। यात्रा पर आए अनेक श्रद्धालु शुक्रवार को जम्मू से ही वापस लौट गए।
इतनी रुकावट के बावजूद शुक्रवार को 8,553 श्रद्धालुओं ने पवित्र अमरनाथ गुफा में पहुंच कर बाबा के दर्शन किए। अब तक यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 2,85,341 तक पहुंच गई है।
दस हजार से अधिक श्रद्धालु नुनवन और बालटाल आधार शिविरों में फंसे हैं। कश्मीर में लागू कर्फ्यू और कई स्थानों पर हुए उग्र प्रदर्शनों के बाद यात्रा को स्थगित करने फैसला लिया। इस दौरान मुंबई के एक श्रद्धालु हर्षद ठाकुर की हार्ट अटैक से बालटाल आधार शिविर में मौत हो गई।
28 जून से अमरनाथ यात्रा शुरू होने के बाद मरने वाले श्रद्धालुओं की संख्या छह हो गई है। श्राइन बोर्ड के सीईओ नवीन चौधरी के मुताबिक सुबह बालटाल और पहलगाम से किसी भी वाहन को जम्मू की ओर जाने नहीं दिया गया।
आधार शिविरों में फंसे श्रद्धालुओं का पूरा खयाल रखने की विशेष हिदायतें कैंप निदेशकों को दी गईं।