अमरनाथ यात्रा पर मौसम की मार पड़ गई है। पहले दिन जहां खराब मौसम के कारण राज्यपाल प्रथम पूजन की परंपरा का निर्वाह नहीं कर सके और आठ हजार से भी कम भक्त पवित्र गुफा तक पहुंच पाए वहीं दूसरे दिन बारिश के कारण यात्रा बीच में रोकनी पड़ी।
बारिश रुकने के बाद अमरनाथ यात्रा के लिए पहला जत्था दोपहर बाद रवाना किया गया है। कुल मिलाकर यात्रा रुक-रुककर जारी है। बारिश होते ही यात्रा रोकी जा रही है और रुकने पर कुछ जत्थों को रवाना किया जा रहा है।
उत्तराखंड त्रासदी और यात्रा शुरू होने से ठीक पहले सुरक्षा बलों पर हुए आतंकी हमलों ने भी यात्रा को प्रभावित किया है। जम्मू से तीसरे दिन 2370 यात्रियों का जत्था बालटाल और नुनवन के आधार शिविरों के लिए रवाना हुआ।
इस बार यह यात्रा कुल 55 दिनों तक चलनी है। कहा जा रहा है कि पवित्र हिमलिंग का आकार भी पिछले सालों की तुलना में कम है।
पिछले वर्ष छह लाख से भी अधिक भक्तों ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए थे, इस बार भक्तों के जत्थे इस आंकड़े तक पहुंच पाने की संभावना कम ही है।
हालांकि दर्शन को निकले भक्तों में जबरदस्त जोश देखने को मिल रहा है। उन्हें रास्ते की हर बाधा छोटी नजर आती है। बम-बम भोले और बाबा हैं दूर पर जाना है जरूर के उद्घोषों के साथ उनका सफर जारी है।